शिक्षकों, लेखकों, मीडियावालों, वकीलों, अभिनेताओं और फिल्म निर्देशकों के रूप में हमारे बीच ऐसे लोग छिपे बैठे हैं, जो हमारे प्यारे प्रधानमंत्री को मार डालने की साजिश रच रहे हैं. वो नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तरक्की की राह पर आगे बढ़े.
बताया जा रहा है कि माओवादी जंगल में रहने वाले ‘जीव’ हैं, जो इन सम्मानित शहरी नक्सलियों की मदद से फल-फूल रहे हैं.

