(चेतावनी: इस लेख में आत्महत्या का जिक्र है. अगर आपके मन में आत्महत्या से जुड़े ख्याल आ रहे हैं या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो संकट में है, तो कृपया उनसे संपर्क करें. आप स्थानीय आपातकालीन सेवाओं, हेल्पलाइन और मानसिक स्वास्थ्य NGO से यहां संपर्क कर सकते हैं.)
एक वकील के रूप में समाज के अगल-अलग वर्गों के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए आप औपचारिकताओं से एक निश्चित दूरी बना लेते हैं. यह आवश्यक दूरी, शायद, सिस्टम अव्यवस्था से निपटने में मदद करती है, साथ ही कागजी कार्रवाई के पीछे छिपी मानवीय कहानियों पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करती है. फिर हम अतुल सुभाष (Atul Subhas) जैसे मामले को देखते हैं, और यह साफ हो जाता है कि हर दिन अदालतों में कितनी जिंदगियां दांव पर लग रहती हैं.

