आज से ठीक 11 साल पहले पहली बार शशांक मनोहर का नाम क्रिकेट जगत में सुर्खियों में आया था. नागपुर में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी मुकाबला था. मनोहर उस वक्त विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) के सर्वेसर्वा थे. दोनों टीमें नागपुर पहुंची और घास वाली पिच को लेकर चल रहीं अटकलें सही साबित हुईं.
भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली तुरंत वीसीए अध्यक्ष के दफ्तर पहुंचे और क्यूरेटर से पिच की प्रकृति को बदलने के लिए जोरदार बहस की, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.
गांगुली को उस मैच के लिए अनफिट करार दे दिया गया. ऐसा कहा जाता है कि इस ‘पिच’ के जरिए मनोहर अपने प्रतिद्वंदी जगमोहन डालमिया की बीसीसीआई पर पकड़ को चुनौती देना चाहते थे.
गांगुली पर डालमिया मेहरबान थे, और कहा जाता है कि पिच का पेंच जानबूझकर डालमिया की बढ़ती पकड़ के लिए फंसाया गया था. ऑस्ट्रेलिया ने मैच में बाजी मार ली.

