(द क्विंट ने 30 सितंबर 2020 के बाबरी फैसले पर एक्सपर्ट्स को अपनी राय रखने का न्यौता दिया है. इस सीरीज का यह भाग 1 है. भाग 2 को यहां पढ़ा जा सकता है)
वो अच्छी फिल्म थी या नहीं, यह अलग बहस है लेकिन इस मौके पर 2011 की बॉलीवुड थ्रिलर नो वन किल्ड जेसिका की याद आती है. 30 सितंबर 2020 को स्पेशल सीबीआई जज सुरेंद्र कुमार यादव ने बाबरी मस्जिद मामले में इसी टाइटिल को दोहराया है. यह बात और है कि जिस घटना पर वह फिल्म आधारित थी, उस पर असल में लोगों ने काफी बवाल मचाया था (वह विषय हाल की घटना से एकदम जुदा है), लेकिन बाबरी के मामले में सिविल सोसायटी शांत बैठी है. किसी ने कोई गुस्सा जाहिर नहीं किया. इस दिन बाबरी मस्जिद तोड़फोड़ मामले पर परदा गिर गया, और उसके साथ कितनी ही दूसरी सच्चाइयों पर भी.
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Topics: बाबरी केस बाबरी विध्वंस केस
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