(30 सितंबर 2020 को बाबरी विध्वंस पर फैसले पर टिप्पणी की सीरीज का यह दूसरा हिस्सा है. क्विंट ने इस विषय पर आकलन के लिए विशेषज्ञों को निमंत्रित किया है. पार्ट-1 को यहां देखा जा सकता है.)
सत्यमेव जयते
सच्चाई की जीत हुई है. बाबरी मस्जिद विध्वंस के षडयंत्र मामले में केवल एक ‘षडयंत्र’ हुआ था और वह था राजनीतिक षडयंत्र. बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित कार्रवाई नहीं थी. उस घटना पर श्री आडवाणी प्रतिक्रिया को याद कीजिए. वे निराश थे और उन्होंने कहा था, “मेरा राजनीतिक आंदोलन अब चरमरा गया है.” यह विध्वंस उस राजनीति का प्रतीक था जो समूचे भारत में जारी थी. अल्पसंख्यकों की तुष्टिकरण की राजनीति और छद्म धर्मनिरपेक्षता.
