अयोध्या के पास के एक गांव में मस्जिद निर्माण की शुरुआत गणतंत्र दिवस के दिन हुई और वहां यह समारोह राम मंदिर निर्माण के अभियान से बहुत अलग था. जहां राम मंदिर की नींव एक भव्य समारोह में रखी गई थी, वहीं मस्जिद की नींव से जुड़ा कार्यक्रम एकदम सादगी भरा था.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुसलमान समुदाय के प्रतिनिधियों को मस्जिद बनाने के लिए यह जगह दी गई है. यहां 26 जनवरी को मस्जिद की नींव रखने के अलावा लोगों ने पौधे लगाए और तिरंगा फहराया. कार्यक्रम बहुत सादा इसलिए भी था क्योंकि यहां कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं हुआ, और न ही कोई वीआईपी पधारा.
बेशक, यह भी सच है कि इस्लाम में शिलान्यास या भूमि पूजन जैसे कोई रिवाज नहीं. लेकिन खास यह है कि इस कार्यक्रम के लिए विशेष तौर से गणतंत्र दिवस को चुना गया और इसी से यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है.

