एक हफ्ते पहले, तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन खटाई में पड़ गया था. वजह थी कि AIADMK के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने घोषणा की थी कि वर्तमान में दोनों पार्टियों के बीच कोई गठबंधन नहीं है, और इसका फैसला चुनाव के समय हो सकता है.
तब से, दोनों पार्टियों के भीतर इस मुद्दें पर गहन विचार-विमर्श चल रहा था कि क्या यह गठबंधन सही मायने में ठीक है? क्या इससे कोई फायदा भी है?

