राहुल गांधी ने हाल ही में कहा कि देश के नौजवान नरेंद्र मोदी को डंडे से मारेंगे. पिछले साल उन्होंने कहा था कि मोदी चोर है. नरेंद्र मोदी में चाहे जो कमी हो, मगर उन्होंने कभी इसी तरह की जवाबी प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने उपहास उड़ाने और व्यंग्य का सहारा लिया. यही आरएसएस की ट्रेनिंग है.
जुबान के स्तर पर गिरावट एक सवाल खड़ा करता है: ऊंचे पद पर बैठे किसी व्यक्ति का अपमान क्या उस पद का भी अपमान है? मैंने 2006 में भी यह सवाल पूछा था जब प्रभावहीन राजनीतिज्ञ रहे नटवर सिंह ने एक अन्य प्रभावहीन राजनीतिज्ञ मनमोहन सिंह का अनादर किया था.

