क्या आपको कभी भी ऐसा कहा गया है कि आप कोई काम सिर्फ इसलिए नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वो एक ‘आदमी का काम’ है ? अगर हां, तो समय आ गया है कि आप ऐसा कहने वालों का मुंह बंद कर दे. विश्व महिला दिवस के मौके पर हम आपको ऐसी महिलाओं की कहानियां सुनाते हैं, जिन्होंने पुरुषों के एकाधिकार वाले क्षेत्रों में न सिर्फ सफलता के झंडे गाड़े बल्कि कई पूर्व स्थापित सोच को भी बदलकर रख दिया और ‘स्त्री-ओ-टाइप’ की सोच को बुलंद किया.
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84 साल की मीनाक्षी ने वो कर दिखाया, जो दुनिया के लिए मिसाल बन गया
चेट्टीनाड की लोकप्रियता बढ़ाने का थोड़ा श्रेय मीनाक्षी मेयप्पन को भी जाता है,

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