हाल ही में 22वें लॉ कमीशन (22nd Law Commission) ने सुझाव दिया है कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A, जोकि राजद्रोह से संबंधित है, को बरकरार रखा जाए और इस अपराध के लिए न्यूनतम सजा तीन साल से बढ़ाकर सात साल की जेल की जाए.
हालांकि, लॉ कमीशन की रिपोर्ट केंद्र के हितों को आगे बढ़ाने या उसका समर्थन करने का एक साधन हो सकती है, जो प्रशासनिक कारणों के बजाय राजनीतिक कारणों से औपनिवेशिक युग के कानून को बनाए रखने का विकल्प चुन सकती है.

