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उन्नाव में ऑटो रिक्शा पर इलाज के वायरल वीडियो के पीछे की 'डर्टी पिक्चर'

Unnao: CMO ने क्विंट को बताया कि डेढ़ साल से जनपद को जेनरेटर के लिए ईंधन का बजट नहीं मिला.

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मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ऑटो रिक्शा में पानी चढ़ाया जा रहा है. उसी के बगल एक नाबालिग मरीज को खुले आसमान के नीचे खाट पर लिटाकर इलाज मिल रहा है. ये मंजर दिखा था उन्नाव (Unnao) के पुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में. जब क्विंट ने इस बारे में पूछताछ की तो मरीज ने बताया केंद्र के अंदर बिजली नहीं थी. CMO से पूछा तो उन्होंने आश्वासन दिया कि कार्रवाई होगी. जाहिर है ये रटा रटाया जवाब था. तो हमने इस खबर को फॉलो किया. फिर पता चली पूरी डर्टी पिक्चर.

CMO ने फोन पर कहा था कि कार्रवाई होगी, तो ये देखने के लिए क्या कार्रवाई हुई, हमारी टीम दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. वहां हालात नहीं बदले थे. अब भी मरीज बिन बिजली के थे. हाथ से पंखा झल रहे थे. सीलिंग फैन बंद पड़ा था. पूछा तो पता चला जब-जब बिजली जाती है, यही हाल होता है. यही वजह थी कि ठाकुर प्रसाद नाम के मरीज गर्मी से बचने के लिए केंद्र के बाहर रिक्शा पर पानी चढ़वा रहे थे.

बिजली जाने पर जेनरेटर क्यों नहीं चलाते?

यही सवाल हमने PHC प्रभारी डॉक्टर प्रमोद से पूछा. बोले-छह महीने से डीजल के लिए बजट नहीं मिला है. हमने यही सवाल CMO से किया. उन्होंने और बड़ा झटका दिया. बोले-''डेढ़ साल से जनपद को जेनरेटर के लिए ईंधन का बजट नहीं मिला. बात की है जल्द ही मिलने की उम्मीद है''

हमारी समझ में ये नहीं कि जब CMO से पहली बार पूछा था कि मरीज क्यों बाहर इलाज करा रहे हैं तो उन्होंने किस पर कार्रवाई की बात की थी. क्योंकि जेनरेटर के लिए डीजल नहीं है, बिजली नहीं है तो इसके लिए कौन से डॉक्टर दोषी होंगे?

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