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4 साल से बंद पड़ा ‘द पिरामिड’ का कंस्ट्रक्शन, खरीदारों के पैसे फंसे

बिल्डर न तो पैसे लौटा रहा है, न ही कंस्ट्रक्शन का काम पूरा करवा रहा है.

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वीडियो एडिटर: मोहम्मद इब्राहिम
कैमरपर्सन और रिपोर्टर: मेघनाद बोस


मई 2015 में, मैंने कोलकाता के राजारहाट इलाके में माउंटहिल रियल्टी के प्रोजेक्ट 'द पिरामिड' में एक 3 बीएचके फ्लैट बुक किया था. मैंने फ्लैट की कुल कीमत का 50 फीसदी यानी 30 लाख रुपये का भुगतान किया था. हमें एक साल की विस्तारित अवधि के साथ 2018 में फ्लैट का कब्जा मिलने वाला था. हालांकि, हम 2019 भी आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन साइट पर कंस्ट्रक्शन का काम अभी भी वैसे ही रुका हुआ है, जैसे यह चार साल पहले था. बिल्डर ने 600 फ्लैटों में से लगभग 500 फ्लैट बेच दिए हैं.

और तो और, पिछले साल मुझे पता चला कि बिल्डरों के पास छठी मंजिल तक भी निर्माण करने की मंजूरी नहीं है,  दसवीं मंजिल की तो बात ही छोड़ दीजिए. फिर बिल्डर ने बिना पूर्व स्वीकृति के दसवीं मंजिल पर फ्लैट कैसे बेच दिए?

विडंबना यह है कि जब इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया था, तो उन्होंने इस पर करोड़ों रूपए खर्च किए थे. लेकिन साढ़े चार साल बाद भी उसके आगे कुछ नहीं किया गया है. जो 30 लाख रुपये मैंने खर्च किए, मेरी गाढ़ी कमाई खो गई!

मैंने अपनी पत्नी पल्लवी से डेढ़ साल पहले शादी की थी. हम एक किराए के अपार्टमेंट में रह रहे हैं और तीन बार किराए का घर बदल चुके हैं. न तो हमें रिफंड मिल पा रहा है, न ही हम दूसरा फ्लैट बुक / खरीद पा रहे हैं. हम किराए पर सालाना 1.8 लाख रुपये खर्च करते हैं, जो एक छोटी रकम नहीं है. जैसा कि मेरी पत्नी कहती है, अगर हमें सही वक्त पर फ्लैट मिल गया होता, तो हम अब तक अपने माता-पिता के साथ उसमें रह रहे होते. लेकिन कंस्ट्रक्शन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह बिल्कुल भी संभव नहीं है.

मेरे पिता और मैंने एक साथ निवेश किया, जिंदगी भर की बचत इसमें लगा दी. लेकिन इस बात का एहसास होने पर कि प्रोजेक्ट को कभी भी डिलीवर नहीं किया जा सकता है, हम मानसिक और आर्थिक रूप से तनावग्रस्त हो गए हैं. मेरे पिता भी बीमार पड़ गए हैं.

बिल्डर ने हमें बहुत सारी सुविधाओं के साथ एक सुंदर फ्लैट देने का वादा किया था, जैसे कि स्विमिंग पूल, बास्केटबॉल कोर्ट या जिम जैसी अन्य चीजें. लेकिन साइट पर एक भी वर्कर नहीं है. पूरी बिल्डिंग एक भुतहा भवन की तरह दिखती है.

हम माउंटहिल के चेयरपरसन / एमडी हेमंत सिकारिया से मिले. उसने हमें धमकी दी और कहा, "अगर आप पुलिस के पास जाते हैं, तो वे मुझे गिरफ्तार करेंगे. तब आपके फ्लैटों का क्या होगा?"

(क्विंट ने माउंटहिल रियल्टी से इस बारे में पूछा, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. जब कोई प्रतिक्रिया आएगी तो इस कॉपी को अपडेट कर दिया जाएगा)

(सभी 'माई रिपोर्ट' ब्रांडेड स्टोरिज सिटिजन रिपोर्टर द्वारा की जाती है जिसे क्विंट प्रस्तुत करता है. हालांकि, क्विंट प्रकाशन से पहले सभी पक्षों के दावों / आरोपों की जांच करता है. रिपोर्ट और ऊपर व्यक्त विचार सिटिजन रिपोर्टर के निजी विचार हैं. इसमें क्‍व‍िंट की सहमति होना जरूरी नहीं है.)

ये भी देखें - ‘लोटस पनाश’: EMI भर रहे होम बायर्स, कहा- फ्लैट मिलने की उम्मीद कम

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