(अगर आपके मन में भी खुदकुशी का ख्याल आ रहा है या आपके जानने वालों में कोई इस तरह की बातें कर रहा हो, तो लोकल इमरजेंसी सेवाओं, हेल्पलाइन और मेंटल हेल्थ NGOs के इन नंबरों पर कॉल करें.)
"उसकी मौत की क्या वजह है ये हमें नहीं पता. हमारे लिए उसकी मौत एक रहस्य बनकर रह गई है. उसने कोई सुसाइड नोट भी नहीं छोड़ा है. पढ़ाई को लेकर हमारी तरफ से किसी तरह का कोई दबाव नहीं था." ये कहना है प्रदीप रे का, जिनके 17 साल के बेटे ऋषित कुमार की कोटा में सुसाइड से मौत हो गई है.
ऋषित का शव कोटा स्थित एक हॉस्टल के कमरे में गुरुवार, 27 जून को मिला था. ऋषित मूल रूप से बिहार के बांका जिले का रहने वाला था और कोटा में पिछले एक साल से NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था. इस साल सितंबर में उसका कोर्स पूरा होना वाला था. पुलिस ने CRPC की धारा 174 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है.

