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IPL 9: राजकोट और पुणे नई टीमें लेकिन धोनी किसकी किस्मत में?

धोनी अब किस टीम के कप्तान होंगे पुणे या राजकोट?

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इंडियन प्रीमियर लीग के परिवार में दो नई टीमें पुणे (फिर से) और राजकोट शामिल हो गईं हैं.

आईपीएल में अब दो नए फ्रैंचाइजी

  • लेकिन इसका चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के लिए क्या मतलब है?
  • कौन हैं इन दोनों टीमों के मालिक?
  • कैसे बीसीसीआई ने सिर्फ 2 साल की गैर- फायदेमंद डील में कंपनियों को शामिल किया?
  • और सबसे अहम इस सवाल का जवाब जानना है कि धोनी किस टीम में जाएंगे, राजकोट या पुणे?

इन सारे सवालों का जवाब है द क्विंट इस स्टोरी में.

नए मालिक

इंटेक्स ग्रुप ने राजकोट टीम खरीदी है तो वहीं कोलकाता के कारोबारी संजीव गोयनका की कंपनी न्यू राइजिंग अब पुणे फ्रैंचाइजी की मालिक है.

गोयनका को सालाना बीसीसीआई को 16 करोड़ रुपए देने पड़ेंगे तो वहीं इंटेक्स मोबाइल को 10 करोड़ अदा करना पड़ेगा.

रेस में तीन और दावेदार थे, आरपीजी प्रॉपर्टीज के हर्ष गोयनका, एक्सिस क्लिनिकल और चेत्तिनाद सीमेंट जिन्होंने न्यू राइजिंग और इंटेक्स मोबाइल से ज्यादा की बोली लगाई थी.

पुणे के पास पहले से टीम जरुर थी लेकिन पैसे अदा न करने की वजह से सहारा पुणे वॉरियर्स पर बैन लगा दिया गया था.

बोली लगाने की प्रक्रिया

टीमों को उल्टी बोली लगाकर बेचा गया और बेस कीमत 40 करोड़ रखी गई थी.

हालांकि सिर्फ दो साल में टीमों से मुनाफा कमाना काफी मुश्किल है लेकिन बीसीसीआई ने दोनों टीमों को शुरुआत करने के लिए 40 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया है. दरअसल उल्टी बोली लगाने का मतलब ये था कि कौन सी कंपनी कितना कम बोली लगा सकती है. सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को टीम दे दी गई.

इंटेक्स ने माइनस 10 करोड़ की बोली लगाई और गोयनका की कंपनी ने माइनस 16 करोड़ की बोल लगाई जिसका मतलब था कि वो बीसीसीआई के पैसे को हाथ नहीं लगाएंगे बल्कि बीसीसीआई को ज्यादा पैसा देंगे टीमें खरीदने के लिए.

खिलाड़ियों का बंटवारा

पुणे और राजकोट अब अपनी टीमों का गठन करेगी. सबसे पहले चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जाएगा.

सस्पेंड हुई दोनों टीमों के खिलाड़ियों को दो ग्रुप कैप्ड और अनकैप्ड कैटगरी में बांटा जाएगा और स्टार खिलाड़ियों को ड्राफ्ट सिस्टम के जरिए बेचा जाएगा. पुणे और राजकोट कम से कम 40 करोड़ और ज्यादा से ज्यादा 66 करोड़ ही खिलाड़ियों को खरीदने पर खर्च कर सकती है.

इस ड्राफ्ट के जरिए 10 खिलाड़ियों के चुनाव के बाद दोनों टीमें फरवरी 2016 की नीलामी में हिस्सा लेंगी और बाकी खिलाड़ियों को खरीद सकेंगी.

किसकी किस्मत में हैं धोनी?

हालांकि चेन्नई और राजस्थान के खिलाड़ियों को एक समान ड्राफ्ट सिस्टम में रखा जाएगा, लेकिन जिस टीम ने सबसे कम बोली लगाई है उसी टीम को सबसे पहले धोनी को खरीदने का मौका मिलेगा.

और नीलामी के हिसाब से पुणे ने 16 करोड़ रुपए अदा किए हैं तो धोनी को चुनने का मौका उन्हें पहले मिलेगा.

उनकी झोली में आए 40 करोड़ रुपए में से धोनी के ड्राफ्ट की कीमत होगी 12.5 करोड़ रुपए.

द इंडियन एक्सप्रेस ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही ये रिपोर्ट छापी थी कि जो भी टीम सबसे कम बोली लगाएगी उसे पसंदीदा खिलाड़ी चुनने का मौका पहले मिलेगा.

राजस्थान रॉल्स और चेन्नई का अब क्या होगा?

चेन्नई और राजस्थान के मालिकों के सट्टेबाजी में शामिल होने की पुष्टि के बाद दोनों टीमों को दो साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है.

नई टीमें उन्हीं के बदले आ रही हैं (सिर्फ सीजन9 और सीजन10 के लिए) और 2018 में फिर से चेन्नई और राजस्थान की टीमें वापस आ जाएंगी.

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