केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 9वीं बार देश का बजट पेश कर रही हैं. अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा, "पीएम मोदी के नेतृत्व में कई तरह के बदलाव किए गए हैं. आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है. सरकार के फैसलों से हमने नागरिकों को लाभ पहुंचाने की भी पूरी कोशिश की है. 7% ग्रोथ रेट की दर से देश की अर्थव्यवस्था बढ़ी है."
"सरकार ने लोकलुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी. सरकार ने बयानबाज़ी की जगह सुधारों को चुना. मोदी सरकार ने असमंजस छोड़कर निर्णायक कार्रवाई का रास्ता अपनाया."वित्त मंत्री
बजट के तीन कर्तव्य
वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है, जो कर्तव्य भवन में बना है. इस बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य हैं:
आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देना: निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को मजबूत करना
जनता की उम्मीदों को पूरा करना: सामान्य नागरिकों को अधिक सुविधाएं और अवसर देना
सबका साथ, सबका विकास विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि पहले कर्तव्य के तहत सरकार का फोकस 6 क्षेत्रों पर होगा:
सात स्ट्रेटेजिक और फ्रंटियर सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना
पुराने इंडस्ट्रियल सेक्टर में नई जान डालना
चैंपियन MSME बनाना
इंफ्रास्ट्रक्चर को ज़ोरदार बढ़ावा देना
लंबे समय की सुरक्षा और स्थिरता पक्का करना
शहर के इकोनॉमिक इलाकों को डेवलप करना
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. मोटर एक्सीडेंट क्लेम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है.
बजट की बड़ी बातें
भारत को ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए, FM ने अगले 5 सालों में ₹10,000 करोड़ के खर्च के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्ताव रखा. इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू प्रोडक्शन के लिए इकोसिस्टम बनेगा.
रेयर अर्थ कॉरिडोर के क्षेत्र में बड़ी घोषणा की गई है. केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले.
पब्लिक कैपिटल खर्च 2014-15 में ₹2 लाख करोड़ से कई गुना बढ़कर 2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़ हो गया है. FY 2026-27 में इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है.
5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रहेगा.
भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा.
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हज़ार करोड़ रुपये का प्रस्ताव है.
कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) तकनीकों के लिए अगले 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा. इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एंड‑यूज़ एप्लिकेशंस में क्षमता बढ़ाना और उच्च स्तर की तत्परता हासिल करना है.
वित्त मंत्री ने 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है. जो मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे.
बजट में तीन नए ऑल इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट का ऐलान किया गया है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब को अपग्रेड करने का भी ऐलान किया है.
जामनगर में WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड करने का ऐलान किया गया है ताकि ट्रेडिशनल मेडिसिन के लिए सबूतों पर आधारित रिसर्च और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्यों को धन हस्तांतरण में 41% की हिस्सेदारी बरकरार रखने का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 14 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
बैंकिंग क्षेत्रों की व्यापक समीक्षा के लिए विकसित भारत के बैंकिंग क्षेत्र में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा.
विदेश यात्रा पैकेज पर लगने वाला टीसीएस अब 5% और 20% से घटाकर बिना किसी न्यूनतम राशि सीमा के 2% किया जाएगा.
शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत टीसीएस 5% से घटाकर 2% किया जाएगा.
मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को अब टीडीएस के तहत ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतानों में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की अस्पष्टता दूर होगी.
मानव संसाधन सेवाओं पर टीडीएस अब केवल 1% या 2% की दर से ही लगाया जाएगा.
मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित मरीजों को राहत देने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी.
