वीडियो एडिटर: दीप्ति रामदास
मेरा नाम है नीलांजन चंदा. मैं कोलकाता बेस्डएक आईटी प्रोफेशनल हूं. मैं अपनी तकलीफ बताना चाहता हूं. 31 अगस्त 2019 को जारी हुई NRC लिस्ट में मेरी मां कृष्णा चंदा का नाम शामिल नहीं है. मेरे माता-पिता इससे बेहद परेशान हैं.
मेरी मां की उम्र 80 साल है. उनका जन्म कोलकाता में ही हुआ. उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई कोलकाता से ही की है.1962 में उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन किया. मेरी मां का मेडेन नेम कृष्णा घोष और उनके पिता का नाम रामेंद्रनाथ घोष है.
मेरे पिता (परितोष चंदा-उम्र 86) असम से हैं. उनका नाम मेरे नाम के साथ NRC लिस्ट में शामिल है. मेरे माता-पिता की शादी अप्रैल 1971 में हुई जिसके बाद वो असम में रहने आ गए.
मेरी मां असम से एक रिटायर्ड स्कूल टीचर हैं और असम सरकार की पेंशन होल्डर भी हैं. उनके पेंशन डोक्यूमेंट में ये साफ लिखा है कि उन्होंने 1963 में काम शुरू कर दिया था.
वो एक वोटर भी हैं और उनके पास असली PAN कार्ड और आधार कार्ड है. इन सब के बावजूद उनका नाम NRC से गायब है क्योंकि कागज पर वो अपने पिता के साथ रिश्ता साबित नहीं कर पाई हैं.
हमने सभी डॉक्यूमेंट जमा कर दिए हैं, दुख ये है कि सिर्फ मेरा ही नाम NRC में नहीं है. इस उम्र में अगर मेरा नाम NRC में नहीं है, तो मेरा क्या होगा? मुझे डिटेंशन कैंप में भेज देंगे.कृष्णा चंदा
मेरे माता-पिता अब कोलकाता में मेरे साथ रहते हैं. उन्होंने काफी कोशिश की ताकि मेरी मां का नाम लिस्ट में शामिल हो जाए.
ये सभी डॉक्यूमेंट जैसे PPO यानी पेंशन पेमेंट आर्डर, NRC से पहले जमा किए जा चुके हैं. इसमें सब साफ है- जन्म की तारीख, जॉइन करने की तारीख, रिटायरमेंट की तारीख, बेसिक पेंशन और भी बाकी दस्तावेज. NRC के ऐड के मुताबिक NRC में नाम दर्ज करने के लिए जो भी कागजात जरूरी थे वो दे दिए गए लेकिन अब भी कृष्णा चंदा का नाम लिस्ट में नहीं है.परितोष चंदा
पैसे खर्च हुए. तनाव की वजह से उन्हें स्वास्थ्य परेशानियों से जूझना पड़ा लेकिन अब तक हल नहीं निकला है. ये जारी है...
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