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World Cup 2023: गिल, कोहली, मैक्सवेल... क्रिकेटर्स को खेलते समय क्रैम्प क्यों आ रहा?

World Cup 2023: क्रैम्प के कारण शुभमन गिल को सेमीफाइनल में रिटायर होना पड़ा. खिलाड़ियों को ऐसा अनुभव क्यों होता है?

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विश्व कप 2023 के पहले सेमीफाइनल का 23वां ओवर था. भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहा था. मिचेल सेंटनर गेंदबाजी कर रहे थे और फॉर्म में चल रहे शुभमन गिल पहले ही 79 रन टीम के लिए हासिल कर चुके थे.

लेकिन तभी शुभमन गिल को क्रैम्प महसूस होता है. एक मेडिकल टीम मैदान पर दौड़ती है और गिल को रिटायर होना पड़ता है. आखिरकार भारत जीत गया और बाकी इतिहास है. लेकिन गिल को क्या हुआ था?

उन्हें क्रैम्प महसूस क्यों हुआ? इस विश्व कप में कई खिलाड़ियों को क्रैम्प क्यों आ रहा है?

फिट ने यह समझने के लिए कि खिलाड़ियों को मैदान पर क्रैम्प का अनुभव क्यों होता है, नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स और स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिट के सीनियर कंसलटेंट डॉ. आशीस आचार्य से बात की.

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खिलाड़ियों को मैदान पर क्रैम्प का अनुभव क्यों होता है? कारण क्या है?

डॉ. आचार्य बताते हैं कि क्रैम्प का सबसे आम कारण पर्याप्त स्ट्रेचिंग न करना या मैच से पहले पर्याप्त वार्मअप न करना है.

"क्रिकेट खेलने में दौड़ने जैसा हाई इंटेंसिटी वाला एक्सरसाइज शामिल है, इसलिए स्ट्रेचिंग बेहद जरुरी है."
डॉ. आशीस आचार्य

लेकिन इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं.

  • मांसपेशियों की थकान

  • डीहाइड्रेशन

  • स्ट्रेस

  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन खास कर मैग्नीशियम और पोटेशियम

क्या मौसम का इससे कोई लेना-देना है?

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने मीडिया से कहा, “इसकी शुरुआत क्रैम्प से हुई और मेरी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया. वहां उमस थी और डेंगू के साइड इफेक्ट्स भी.”

डॉ. आचार्य भी इस बात से सहमत हैं कि मौसम की भूमिका तो होती है, लेकिन डायरेक्ट नहीं.

वह बताते हैं कि ह्यूमिड या मॉइस्ट कंडीशंस में, जैसे मुंबई का मौसम है जहां वानखेड़े स्टेडियम में मैच हो रहा था, खिलाड़ियों को बहुत पसीना आता है.

“जब आपको बहुत अधिक पसीना आता है, तो आप स्वाभाविक रूप से इसके साथ बहुत सारे इलेक्ट्रोलाइट्स खो देते हैं. इससे इंबैलेंस पैदा होता है और इस कारण क्रैम्प हो सकता है. मान लें, अगर अगर मैच धर्मशाला में खेला जा रहा हो, तो ऐसा कुछ नहीं होगा."
डॉ. आशीस आचार्य

क्या कोई क्विक फिक्स है, जो खिलाड़ियों को मैदान पर वापस ला सकता है?

डॉक्टर बताते हैं कि खिलाड़ियों को क्रैम्प का सबसे कॉमन अनुभव उनके कॉल्फ मसल्स और हैमस्ट्रिंग में होता है. इन मामलों में काम करने वाले क्विक फिक्स ये हैं:

  • उन्हें मैदान से बाहर ले जाएं और प्रॉपर स्ट्रेचिंग करें

  • प्रभावित क्षेत्र पर मांसपेशियों को आराम देने वाले स्प्रे का प्रयोग करें

डॉ. आचार्य कहते हैं:

“लेकिन अगर पूरी मांसपेशियों में क्रैम्प है, तो क्विक फिक्स काम नहीं कर सकता है और खिलाड़ी को आराम करना पड़ सकता है. यही एकमात्र चीज है, जो काम करती है, जो शायद गिल के मामले में हुआ था.''
डॉ. आशीस आचार्य

विश्व कप के दौरान कौन-कौन से खिलाड़ियों को क्रैम्प महसूस हुआ है?

इस विशेष टूर्नामेंट में कई खिलाड़ियों को क्रैम्प का अनुभव हुआ है. गिल के साथ ही उसी दिन विराट कोहली को भी मैदान पर खेलते समय क्रैम्प आया. हालांकि वह 149 मिनट तक मैदान पर रहे और अपना 50वां वनडे शतक पूरा किया, लेकिन उन्हें दर्द में साफ देखा जा सकता था.

न्यूजीलैंड के क्रिकेटर डेरिल मिचेल को भी उसी मैच में क्रैम्प आया. मैच में एक समय ऐसा भी आया था जब वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.

ऐसा ही कुछ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल के साथ 7 नवंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में हुआ था. कॉल्फ, हैमस्ट्रिंग, पैर की उंगलियों और पीठ में क्रैम्प आने के बावजूद उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई थी.

इस टूर्नामेंट में क्रैम्प का अनुभव करने वाले दूसरे खिलाड़ियों में नीदरलैंड के खिलाफ मैच में श्रेयस अय्यर, इंग्लैंड के खिलाफ मैच में दक्षिण अफ्रीका के हेनरिक क्लासेन और इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान शामिल हैं.
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