(हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. इस साल 2019 के डॉक्टर्स डे की थीम डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर आधारित है, Zero Tolerance to Violence Against Doctors and Clinical Establishment.)
डॉक्टर बनना आसान नहीं है, ये कभी आसान नहीं था. कई सालों तक चलने वाली थकाऊ ट्रेनिंग, काम का कोई समय न होना और मेहनताना, जो आम धारणा से अलग कभी भी खर्च किए गए वक्त और एनर्जी के बराबर नहीं होता.
इसके साथ ही भारत में डॉक्टर पब्लिक की हिंसा और गुस्से का भी शिकार होते हैं. डॉक्टर्स ये बात समझते हैं कि हेल्थकेयर की लागत पर रेगुलेशन की जरूरत है, क्वालिटी कंट्रोल के लिए जांच और संतुलन की जरूरत के बारे में शायद वे पेशेंट से ज्यादा परवाह करते हैं.

