गर्मी का मौसम अपने साथ गर्मी, प्यास, सुस्ती और थकान लाता है. जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर की गर्मी बढ़ जाती है और हम ठंडे ड्रिंक्स के लिए तरस जाते हैं. साथ ही भूख भी कम लगती है क्योंकि शरीर की पाचन शक्ति कम हो जाती है.
प्राचीन खाद्य ज्ञान के अनुसार, आहार मौसम के आधार पर होना चाहिए. हालांकि, व्यवसायीकरण और मार्केटिंग के कारण, हमारा आहार बिना पोषण और एम्पटी कैलोरी वाले भोजन की ओर चला गया है. लोग अब गर्मियों में सिर्फ आर्टिफिशियल रंग, प्रिजर्वेटिव और केमिकल से भरे ठंडे ड्रिंक पीना चाहते हैं.
हालांकि, यदि हम उन खाने और पीने की चीजों पर ध्यान दें, जो हमारे माता-पिता या दादा-दादी खाते-पीते थे, तो हमें कई स्वस्थ विकल्प मिलेंगे जो आसान और स्वस्थ होते हैं.

