फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन सहित करीब 13 देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल पर अस्थाई रोक लगाई है. ये सस्पेंशन वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों में ब्लड क्लॉटिंग की रिपोर्ट के बाद लागू किया गया.
दुनिया भर के विशेषज्ञ वैक्सीन की समीक्षा में लगे हैं. वहीं इससे पहले यूके के मेडिसिन रेगुलेटर और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कहा जा चुका है कि वैक्सीन और ब्लड क्लॉट की घटनाओं के बीच लिंक का कोई सबूत नहीं है.
क्या भारत को, जो कोविशील्ड नाम से इसी वैक्सीन का निर्माण कर रहा है, चिंतित होने की जरूरत है? क्या भारत के लोगों को यहां ऐसी ही समस्याओं की फिक्र करनी चाहिए?

