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सेक्सॉल्व: धारा 377 के फैसले पर प्यार का इतना दिखावा क्यों?   

धारा 377 पर कोर्ट का फैसला समानता की दिशा में लंबी यात्रा का सिर्फ पहला पड़ाव है.

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यह समानता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का FIT पर सवाल-जवाब पर आधारित कॉलम है.

अगर आपको सेक्स, सेक्स के तौर-तरीके या रिलेशनशिप से जुड़ी कोई परेशानीहै, कोई उलझन है, जिसे आप हल नहीं कर पा रहे हैं, या आपको किसी तरह के सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखिए, और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

‘‘धारा 377 का फैसला ठीक है, लेकिन प्यार का यह जबरदस्त दिखावा क्यों?”

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