पुणे के आदित्य करपे शिकरापुर के सूर्या हॉस्पिटल में अपने कोरोना(Corona) संक्रमित भाई और पिता का इलाज करा रहे थे. 10 दिन पहले उनके पिता को एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिविर की जरूरत पड़ी और उन्हें वो अस्पताल से मिल गई. लेकिन 3 दिन पहले जब भाई को जरूरत पड़ी तो दवा अस्पताल से नहीं मिल पाई क्योंकि दवा खत्म हो चुकी थी. आसपास की फार्मेसी ने भी कहा कि दवा का स्टॉक खत्म है. आखिर में उन्हें दोगुनी कीमत देकर दवा खरीदनी पड़ी. उन्होंने सिप्रेमी (Cipla’s Cipremi ) के लिए 7.5 हजार रुपये दिए और डर्सम (Mylan’s Dersem) की एक वायल के लिए 10 हजार रुपये दिए जबकि इनकी कीमत 4 हजार और 4.8 हजार रुपये प्रति वायल है.
आदित्य की कोरोना रिपोर्ट भी अब पॉजिटिव आई है और वो भी उसी हॉस्पिटल में भर्ती हैं. उन्हें चिंता है कि एक साथ इतने लोगों के इलाज में खर्च के बाद, उन्हें भी दवा दोगुनी कीमत देकर खरीदनी पड़ेगी.
बता दें, एक कोविड मरीज को रेमडेसिविर के 5 शॉट की जरूरत पड़ती है. ब्लैक में खरीदने पर पूरा खर्च 45 हजार के करीब जा सकता है. रेमडेसिविर- कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद इससे निपटने के लिए इस्तेमाल की जा रही सबसे प्रभावी दवा मानी जाती है.

