अपूर्वा सेंटर फॉर ऑटिज्म की प्रमुख नित्या ने कहा, "शायद अगर स्वाति सरकार को अपने ऑटिस्टिक बच्चे को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाता, तो हम उसे नहीं खोते." 27 अगस्त 2017 को, स्वाति ने श्रेया को बेंगलुरु के जेपी नगर में अपने तीसरी मंजिल के अपार्टमेंट की छत से दो बार नीचे फेंका. सात साल की बच्ची की तुरंत मौत हो गई. घटना के चश्मदीद गवाह रहे इलाके के लोगों ने पुलिस के मौके पर पहुंचने और उसे हिरासत में लेने तक मां को बिजली के खंभे से बांधकर रखा.
श्रेया, जो एक ऑटिस्टिक बच्ची थी, स्पीच डेवलपमेंट इशू थे.
मां स्वाति नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS) में न्यायिक हिरासत में है.

