महात्मा गांधी ने मेरे सपनों के भारत में लिखा है, “स्वतंत्रता सबसे अंतिम जन से शुरू होनी चाहिए.” राष्ट्रपिता ने पंचायती राज को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा है, “इससे प्रत्येक गांव में गणतंत्र होगा, सभी पंचायतों के पास संपूर्ण शक्ति होगी, सभी गांव आत्म निर्भर होंगे और पूरी दुनिया से अपनी रक्षा में सक्षम भी होंगे.”
राष्ट्रपति महात्मा गांधी के इस व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप, 24 अप्रैल 1993 को भारतीय संविधान में 73वां संशोधन लागू हुआ, जिसके तहत ग्रामीण भारत में स्थानीय स्वशासन (Self government) के लिए पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिला.

