कोरोना काल का सबसे खौफनाक चेहरा जिस ‘Delta variant’ ने दिखाया, उसका नाम आज भी जुबान पर आते ही कंपकपी सी होती है.
बीते 2 सालों में कोविड की 3 लहरें आ चुकीं है. कोविड की लहर में जब भी कोई कहता है कि इस बार का कोविड माइल्ड है या बिल्कुल हल्का है, तो मन में एक सवाल उठता है, क्या कोविड सबके लिए एक जैसा है ? मुझे तो नहीं लगता. कोविड सबके लिए एक जैसा कहां ? वह किसी की जान ले लेता है, तो किसी को अपने होने का एहसास भी नहीं दिलाता. कोई कोविड होने के महीनों बाद भी अपना बीता कल खोज रहा होता है, तो कोई कोविड के प्रति बेफिक्र रहते हुए आने वाले कल के सपने बुनने में मगन है. यानी कोविड सबके लिए एक जैसा नहीं !

