बारिश में गिरती बूंदों को देखते हुए चाय के साथ पकोड़े खाने का मजा अनोखा होता है. गर्मी का प्रकोप कम हो चुका होता है और मौसम सुहाना हो जाता है.
पेड़ हवा में लहरा रहे होते हैं, आसमान में बिजली चमक रही होती है और कहीं मोर पुकार रहे होते हैं. पकोड़ों के साथ एक कप चाय का आनंद लेने का यह सबसे अच्छा समय है.
इसे कुछ भी कहें - पकोड़ा, भजिया, भज्जी, बोंडा, या वड़ा, यह मूल रूप से सब्जियों, खाद्य फूलों, दाल और आटे के साथ तैयार किए जाते हैं. भारत के हर क्षेत्र के अलग-अलग खास पकोड़े होते हैं.

