खुल कर ‘बातचीत’ करना और 'विश्वास' बनाए रखना एक अच्छे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी हैं.
हम खुद को शब्दों और कार्यों के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम हैं, फिर भी हम में से कई लोग खुलकर अपनी बात नहीं करते और उम्मीद करते हैं कि हमारे पार्टनर हमारे दिमाग को पढ़कर समझ जाएंगे कि हम कैसा महसूस करते हैं.
मैंने खुद इस वजह से रिश्तों और दोस्ती को टूटते देखा है. मुझे लोग अक्सर कहते हैं कि मैं "ओवर शेयर" करती हूं और "बहुत एक्स्प्रेसिव" हूं. मेरे लिए अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस करना कभी मुश्किल नहीं रहा है, लेकिन जब दूसरे ऐसा नहीं करते हैं, तो परेशानी हो जाती है.

