हाल ही में एक पारिवारिक समारोह में, दूर के चचेरे भाई के बारे में हो रही खुसुर-पुसुर ने मुझे भावनात्मक अफेयर्स के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया. जब हम “फरेब” या “बेवफाई” जैसे शब्द सुनते हैं, तो आमतौर पर हमारा दिमाग शादी से बाहर सेक्स संबंधों या अफेयर के बारे में सोचता है, लेकिन अब वैवाहिक संबंधों में भावनात्मक बेवफाई भी निश्चित रूप से बढ़ी है.
भावनात्मक बेवफाई तब होती है, जब एक शादीशुदा शख्स किसी से अंतरंग हो जाता है- हो सकता है ऐसा सेक्शुअली ना हो- बल्कि किसी अन्य शख्स के साथ सिर्फ अपनी भावनाओं और विचारों में हो. वे अपना वक्त, अपने सबसे गहरे और निजी ख्यालों और अपनी भावनात्मक ऊर्जा को शादी के बाहर किसी दूसरे शख्स से साझा कर रहे होते हैं.
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Topics: relationship पार्टनर रिलेशनशिप
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