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क्या हाई बीपी वालों को गुस्सा अधिक आता है? 

जानिए कहां तक सही हैं हाई ब्लड प्रेशर के बारे में कही जाने वाली ये बातें.

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क्या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को गुस्सा अधिक आता है? क्या गुस्सा आने का संबंध बीपी हाई होने से होता है? आमतौर पर यही माना जाता है कि ज्यादा गुस्सा बीपी हाई कर सकता है, जब किसी को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, तो ये ही सुनने को मिलता है कि उसका बीपी कुछ ज्यादा ही हाई हो गया होगा.

हाल ही में आई एक स्टडी में कहा गया कि हाई बीपी वालों को वर्क प्रेशर की टेंशन से दूर रहना चाहिए क्योंकि काम का बोझ, इस बोझ से तनाव और ठीक से नींद नहीं लेना हाई बीपी वाले लोगों में दिल की बीमारी से मौत के खतरे को तीन गुना अधिक बढ़ा सकता है.

जब हाई बीपी के रिस्क फैक्टर्स की बात होती है, तो वहां गुस्से का जिक्र नहीं आता, लेकिन हां, स्ट्रेस को हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क फैक्टर्स में जरूर शामिल किया गया है. अब गुस्से, तनाव और बीपी का आपस में क्या लिंक है, ये जानने से पहले समझ लेते हैं कि ब्लड प्रेशर हाई होना, जिसे हाइपरटेंशन कहते हैं, होता क्या है?

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क्या है हाई ब्लड प्रेशर?

आपको पता होगा कि हमारा हृदय ब्लड पंप कर शरीर के बाकी अंगों को ऑक्सीजन से भरपूर रक्त धमनियों के जरिए पहुंचाता है. जब धमनियों पर ब्लड का फोर्स बहुत ज्यादा होता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं.

हाई ब्लड प्रेशर दिल और हृदयवाहिनियों पर अतिरिक्त तनाव डालता है. जिससे हार्ट और ब्लड वेसल कमजोर या डैमेज हो सकते हैं.

गुस्सा और हाई बीपी, क्या है कनेक्शन?

मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली में कार्डियोलॉजी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ समीर कुब्बा ने फिट को बताया, 'गुस्से से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकता है, जो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है.'

हालांकि हाई बीपी वालों को ज्यादा गुस्से की बात एक मिथ है. गुस्सा एक इमोशन है, जो चीजें हमारे मुताबिक नहीं होतीं, तब आता है और गुस्से को मैनेज कैसे करना है, ये व्यक्तिगत विशेषता है.
डॉ समीर कुब्बा

तनाव और हाई बीपी

आकाश हेल्थकेयर सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल द्वारका में कार्डियोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट और यूनिट हेड डॉ रूपेश कौशिक तनाव और ब्लड प्रेशर आपसी कनेक्शन के बारे में फिट से कहते हैं कि तनावपूर्ण हालात के दौरान हमारी बॉडी में कई हार्मोन प्रड्यूस होते हैं. इनके कारण हमारा दिल तेजी से धड़कता है और ब्लड वेसल सिकुड़ जाते हैं, इस वजह से कुछ देर के लिए हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.

हालांकि ऐसे कोई प्रमाण नहीं हैं कि एक्यूट स्ट्रेस या कभी-कभार का तनावपूर्ण प्रकरण लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर को ट्रिगर करता है. लेकिन लगातार तनाव में रहने से स्मोकिंग, शराब पीने, खानपान की अनहेल्दी आदतें, नींद न आने जैसी अनहेल्दी लाइफस्टाइल से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
डॉ रूपेश कौशिक

यूके के नेशनल हेल्थ सर्विस के इस आर्टिकल के मुताबिक तनाव में क्रोध पर नियंत्रण भी मुश्किल हो जाता है.

मैक्स हेल्थकेयर में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ अश्विनी सेतिया भी अपने इस लेख में बताते हैं, ‘गुस्सा आने पर एक प्रक्रिया होती है, जिसे फ्लाइट और फाइट का नाम दिया गया है. इसके अंतर्गत स्ट्रेस हार्मोन निकलते हैं, जिनका शरीर पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इस प्रकार के व्यक्ति को उच्च रक्तचाप (हाई बीपी), सिरदर्द, चिंता और डिप्रेशन भी हो सकता है.’

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नई दिल्ली स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के डायरेक्ट डॉ राहुल गुप्ता आईएएनएस से बताते हैं कि कई बार, हाई ब्लड प्रेशर के बहुत मामूली लक्षण प्रकट होते हैं या कोई लक्षण नहीं होते हैं.

आपको जिन कुछ संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, वे हैं- सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या भारीपन, सिरदर्द, हृदय की अनियमित धड़कन (धड़कन), देखने में समस्या, पेशाब करने में समस्या.

आपको बगैर किसी लक्षण के वर्षों से हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है. यहां तक कि बगैर लक्षण के आपकी रक्त वाहिकाओं और आपके दिल को नुकसान पहुंचना जारी रह सकता है.

इसलिए जरूरी है कि आप समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाएं, ताकि हाइपरटेंशन और प्रीहाइपरटेंशन या फिर लो ब्लड प्रेशर का पता चल सके और आप जरूरी परहेज कर सकें.

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