करीब 30 फीसद महिलाएं अपनी प्रजनन अवधि के दौरान कभी न कभी हैवी मेंस्ट्रुएल पीरियड्स की समस्या का सामना करती हैं. इनमें से करीब 15 फीसद महिलाएं अंडरलाइंग ब्लीडिंग डिसऑर्डर का शिकार होती हैं और जिसका कभी पता नहीं लगाया जाता, नतीजन हजारों महिलाएं एक ऐसी बीमारी से जूझती हैं, जिसका इलाज किया जा सकता है.
क्वींस यूनिवर्सिटी में एक हेमेटोलॉजिस्ट और क्लीनिकल साइंटिस्ट के तौर पर आनुवांशिक ब्लीडिंग डिसऑर्डर के रोगियों की देखभाल करते हुए यह मेरे लिए निराशा की एक बड़ी वजह है कि ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित महिलाओं को उचित जांच और इलाज पाने में 15 साल तक इंतजार करना पड़ता है.

