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भारत में COVID-19: किन राज्यों में फिर से मामले बढ़ रहे हैं?

केंद्र ने 5 राज्यों से कहा अपने COVID मामलों पर नजर रखें और बढ़ते मामलों को रोकने के लिए प्री-एम्प्टिव एक्शन लें.

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देश में COVID के मामले कम हुए हैं, पर भारत के कुछ राज्यों में एक बार फिर दैनिक COVID मामलों में वृद्धि देखी जा रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, राजेश भूषण ने हाल ही में एक प्रेस इवेंट में दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र और मिजोरम से अपने कोविड मामलों पर कड़ी नजर रखने और मामलों में स्पाइक को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने का आह्वान किया.

12 अप्रैल को, दिल्ली में पिछले एक महीने में पहली बार 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए. अगले ही दिन लगभग दुगनी वृद्धि देखी गई और 299 नए मामले सामने आए.
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एशिया और यूरोप के कुछ देशों में, जिसमें हमारा पड़ोसी देश चीन भी शामिल है, महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक कोविड मामले देखे गए, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी चौकन्ने हो गए हैं.

चीन, जहां के कई प्रमुख शहर कड़े लॉकडाउन के तहत हैं, अभी भी ओमिक्रॉन और उसके सब वेरिएंटों की बदौलत कोविड मामलों में अचानक वृद्धि से जूझ रहा है.

हालांकि, विशेषज्ञों ने दोहराया है कि उच्च संक्रमण जरूरी नहीं है कि चिंता का कारण हो क्योंकि मौत और गंभीर बीमारियों के मामले कम हैं.

भारत में स्थिति: डेटा क्या कहता है

भारत में, पिछले 24 घंटों (13 अप्रैल) में कुल 1,088 नए मामले दर्ज किए गए और दैनिक पॉजिटिविटी रेट 0.25 प्रतिशत है. देश में पिछले दो दिनों में रोज एक हजार से कम मामले दर्ज किए गए.

विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि, मामलों की सही संख्या बहुत अधिक होने की संभावना है क्योंकि बहुत से लोग घरेलू परीक्षण किट का प्रयोग कर रहे हैं और पॉजिटिव मामलों का पता नहीं चल रहा है या रिपोर्ट नहीं किया जा रहा है.

दिल्ली में, बुधवार 13 अप्रैल को, नए मामलों (299 मामलों) में पिछले दिन (202 मामलों) की तुलना में 0 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जिसमें पॉजिटिविटी रेट 2.49 प्रतिशत था. हालांकि, मौत के कोई नए मामले दर्ज नहीं किए गए.

केरल में मंगलवार, 12 अप्रैल को, 298 नए मामले दर्ज किए गए, जो सोमवार, जब 196 नए मामले दर्ज किए गए थे, की तुलना में दोगुना थे. हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सोमवार को छोड़कर, केरल में पिछले सप्ताह प्रतिदिन 200 से अधिक मामले देखे गए.

हरियाणा में पिछले दिन की तुलना में मंगलवार को कोविड ​​​​मामलों में लगभग तीन गुना वृद्धि देखी गई.

हालांकि इस सप्ताह राज्य में मामलों में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, लेकिन कोई नई मौत नहीं हुई.

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों तक 100 से कम नए मामले दर्ज होने के बाद बुधवार को 124 नए मामले सामने आए और 1 मौत भी हुई. राज्य में अभी 724 एक्टिव केस हैं.

मिजोरम में बुधवार को नए मामलों में गिरावट देखी गई. 91 लोगों का टेस्ट पॉजिटिव निकला, जबकि पिछले दिन के 149 मामले देखे गए थे. वहीं, राज्य में पॉजिटिविटी रेट 8 प्रतिशत बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में कोई नई मौत नहीं हुई.

इस हफ्ते की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री, के. सुधाकर ने कहा कि भारत में चौथी लहर जून-जुलाई के बीच शुरू हो सकती है.

हालांकि वायरोलॉजिस्ट डॉ शाहिद जमील ने फिट को बताया कि देश में कोविड मामलों को अब लहरों में फिट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

"अलग-अलग जगहों पर और अलग-अलग समय पर कोविड मामलों में वृद्धि देखी जाएगी."
डॉ शाहिद जमील

"मुझे लगता है कि समस्या यह है कि मीडिया में केवल दो सम्भावनाएं दिखाई जा रही हैं. या तो चौथी लहर आएगी या कुछ भी नहीं होगा. मैं इसे इस तरह नहीं देखता," उन्होंने कहा.

Omicron, BA.2 और XE

BA.2 ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है, BA.1 की तरह जो पहले ओमिक्रॉन का प्रमुख स्ट्रेन था.

दूसरी ओर, XE डेल्टाक्रॉन की तरह एक री-कॉम्बिनेंट वेरिएंट है, जिसका अर्थ है कि यह दो अन्य स्ट्रेनों (BA.1 और BA.2) के संयोजन से बना है.

WHO द्वारा ओमिक्रॉन और XE के सभी उप प्रकारों को ओमिक्रॉन के साथ ही ट्रैक किया जा रहा है और उन्हें अलग-अलग वेरिएंट नहीं माना जा रहा है. इसका मतलब यह भी है कि वे सभी ओमिक्रॉन की तरह 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' हैं.

कुछ दिनों पहले फिट से बात करते हुए, वायरोलॉजिस्ट डॉ गगनदीप कांग ने बताया कि हालांकि XE, BA.1 और BA.2 की तुलना में, अधिक ट्रांसमिसिबल है, लेकिन यह अधिक खतरनाक नहीं लगता है.

"हम BA.2 के बारे में चिंतित थे, लेकिन इससे BA.1 की तुलना अधिक गंभीर बीमारी नहीं हुई. XE, BA.1 या BA.2 से अधिक गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है. क्या इसका 10 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलना वास्तव में मायने रखता है? एक वैक्सीनेटेड पॉप्युलेशन में, नहीं."
डॉ. गगनदीप कांग, वायरोलॉजिस्ट
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भारत में ओमिक्रॉन के उप-प्रकार, विशेष रूप से BA.2 कितने व्यापक हैं, इस बारे में स्पष्टता नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इससे गंभीर बीमारियों और मौतों में वृद्धि होने की संभावना कम है, भले ही नए संक्रमण बढ़ रहे हों.

डॉ कांग ने कहा कि सभी ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट वैक्सीनेटेड लोगों को संक्रमित कर रहे हैं, लेकिन फिर भी, "संक्रमण के उच्च दर से गंभीर बीमारियों और मौतों में वृद्धि नहीं हुई है."

10 अप्रैल से, भारत में, 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को प्रिकॉशनेरी डोज लेने की अनुमति मिल गई. जो लोग कोविड वैक्सीन की तीसरी प्रिकॉशनेरी डोज लेना चाहते हैं, वे निजी स्वास्थ्य क्लिनिक जा कर ले सकते हैं. तीसरी डोज उसी वैक्सीन की होनी चाहिए जो पहले दो डोज में दी गई थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने टीकाकरण कोविड के नियमों का पालन करने के महत्व को दोहराया, और कहा कि राज्यों को ट्रैकिंग और परीक्षण जारी रखना चाहिए.

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