बुखार से सिरदर्द और बदन दर्द होता है, लेकिन अगर बुखार चिकनगुनिया या डेंगू के कारण हो, तो शरीर का हर अंग और हर जोड़ दर्द करता है.
चिकनगुनिया का मरीज बुखार से ठीक होने के बाद भी जोड़ो में होने वाले दर्द की वजह से 15 से 20 दिनों तक ठीक से चल फिर नहीं पाता. कभी-कभी ये दर्द साल भर तक रहता है और बार-बार उभरता भी है. ऐसी कई शिकायत के साथ लोग डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं.
वायरल और चिकनगुनिया की पहचान है संभव
वायरल फीवर और चिकनगुनिया के दर्द की पहचान भी अलग-अलग की जा सकती है. वायरल का दर्द मसल्स में होता है और चिकनगुनिया शरीर के हर एक जोड़ में दर्द देता है.चाहे वो हाथों की उंगलियों का हर एक जोड़ हो या फिर कुहनियां.
चिकनगुनिया से पंजे, घुटना, तलवा, हथेली, गर्दन या फिर एड़ी में दर्द इतना होता है कि चलना-फिरना तक मुहाल हो जाता है. यहा तक की जोड़ों में तक सूजन आ जाती है.
- चिकनगुनिया से रिकवरी इम्यून सिस्टम पर निर्भर करती है.
- चिकनगुनिया का दर्द 2-3 हफ्ते से लेकर करीब साल तक चल सकता है.
- अगर ठीक तरीके से देखभाल की जाए, तो मरीज को 2-3 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं.
- 20-30 फीसदी मरीजों का दर्द ठीक होने में 1-2 महीने या साल भर का वक्त लगता लग सकता है.
- ऐसे मरीजों को दर्द के साथ बुखार भी हो सकता है.
एहतियात ही इलाज है
चिकनगुनिया के मरीजों को साधारण पारासिटामोल, ताकत विटामिन की दवाएं दी जाती हैं. चूंकि इस बुखार में दर्द बहुत होता है, इसलिए अक्सर मरीज पेनकिलर खा लेते हैं.
ऐसे बुखार में पेनकिलर खाने से बचना चाहिए. पेनकिलर का सीधा असर शरीर के दूसरे अंगों पर होता है और किडनी तक खराब होने का डर रहता है.
चिकनगुनिया के बुखार और दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चिकनगुनिया का कोई इलाज या टीकाकरण नहीं है.डॉ. जीपी डुरेजा, दिल्ली पेन मैनेजमेंट के डायरेक्टर

