ADVERTISEMENTREMOVE AD

खतरनाक है खुद से कोई भी एंटीबायोटिक ले लेना

क्या आप पेट दर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर को दिखाए कोई भी एंटीबायोटिक ले लेते हैं?

Updated
story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

क्या आप अक्सर सिर दर्द, पेट दर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर को दिखाए कोई भी एंटीबायोटिक ले लेते हैं? ऐसा करना आपके लिए काफी खतरनाक हो सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक बिना डॉक्टरी सलाह और जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक लेने पर डायरिया और पेट की दूसरी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में सीनियर कंसल्टेंट डॉ सतीश कौल कहते हैं कि जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक का सेवन आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इससे आपको डायरिया जैसी पेट की बीमारियां हो सकती हैं. गलत एंटीबायोटिक लेना भी एक समस्या बन सकता है, अगर उस दवा से आपको एलर्जी हो.

किसी भी एंटीबायोटिक का गलत या जरूरत से अधिक इस्तेमाल कई परेशानियां खड़ी कर सकता है. जैसे- इंफेक्शन जल्दी ठीक न हो पाना. इससे एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस विकसित हो सकता है. अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के कोई एंटीबायोटिक लगातार लेते रहेंगे, तो ये खतरा बहुत बढ़ सकता है.
डॉ सतीश कौल, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडीसिन, नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

डॉ सतीश कौल ने कहा, “एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में एक है. हमें अधिक से अधिक लोगों को एंटीबायोटिक्स के सही इस्तेमाल और उसके फंक्शन के बारे में बताना चाहिए ताकि इस समस्या का निदान हो सके. हमें इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक एंटीबायोटिक्स ऐसे मेडिसिन हैं, जिनका इस्तेमाल बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव और इलाज के लिए किया जाता है. एंटीबायोटिक प्रतिरोध या रेसिस्टेंस तब होता है, जब बैक्टीरिया इन दवाओं के रेस्पॉन्स में अपना स्वरूप बदल लेते हैं.

बिना जरूरत के एंटीबायोटिक लेने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध (Antibiotic Resistance) में बढ़ोतरी होती है, जो कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है. इसकी वजह से मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने, इलाज के लिए अधिक राशि खर्च करने और बीमारी गंभीर होने पर मरीज की मौत का भी खतरा रहता है.
WHO

WHO के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोध किसी भी देश में किसी भी आयुवर्ग और किसी को भी प्रभावित कर सकता है. साथ ही जब बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के जवाब में अपना स्वरूप बदल लेते हैं, तो आम से इंफेक्शन का भी इलाज नहीं किया जा सकता.

आजकल सिरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर हम बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं. कई बार तो हम बिना किसी जरूरत के भी एंटीबायोटिक लेते रहते हैं. बिना आवश्यकता के और नियमित रूप से एंटीबायोटिक लेते रहने से आपके शरीर के माइक्रोब्स या बैक्टीरिया खुद को बदल लेते हैं, जिससे एंटीबायोटिक्स उन्हें हानि नहीं पहुंचा पाते.
डॉ अरविंद अग्रवाल, सीनियर कंसल्टेंट, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट
ADVERTISEMENTREMOVE AD

डॉ अग्रवाल कहते हैं, "एंटीबायोटिक का जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने से सबसे प्रभावशाली एंटीबायोटिक दवाइयों का भी कुछ बैक्टीरिया पर असर नहीं पड़ता. ये बैक्टीरिया अपने आप को इस तरह बदल लेते हैं कि दवा, केमिकल्स या इंफेक्शन हटाने वाले किसी भी इलाज का इन पर या तो असर ही नहीं पड़ता या फिर बहुत कम असर पड़ता है.”

डॉ अग्रवाल के मुताबिक ऐसे बैक्टीरिया न सिर्फ दवाइयों से खुद को बचा लेते हैं बल्कि अपनी संख्या भी बढ़ाते रहते हैं, जो हमारी सेहत के लिए अधिक खतरनाक साबित होता है.

Published: 
Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×