राजस्थान में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है. कांग्रेस ने बीजेपी पर मतदाता सूची से विपक्ष समर्थकों के नाम धोखाधड़ी से हटवाने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. राज्य में 16 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित हुई थी, जिसमें लगभग 42 लाख नाम हटाए गए थे. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है. अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी.
Deccan Herald के अनुसार, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 937 बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के माध्यम से 5,694 नाम हटाने और केवल 211 नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिए, जबकि कांग्रेस ने 110 BLA के जरिए केवल दो नाम हटाने और 185 नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिए. डोटासरा ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने फर्जी हस्ताक्षर वाले हजारों फॉर्म भरकर एसडीएम कार्यालयों में जमा कराए.
Scroll की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के हवा महल विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया, जिसमें उन्होंने सैकड़ों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दबाव की बात कही. BLO ने बताया कि उन्हें बीजेपी के आपत्तियों पर कार्रवाई के लिए मानसिक दबाव और धमकियां दी जा रही थीं, खासकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए. वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद BLO को नियमों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए.
The Indian Express ने बताया, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हर विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्री-फिल्ड फॉर्म-7 जमा किए. वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत केवल मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नाम हटाए जा रहे हैं. बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, "कांग्रेस को असली मुद्दों पर लड़ना चाहिए, न कि बेबुनियाद आरोप लगाने चाहिए."
इस रिपोर्ट में जिक्र है, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अंतिम दिन BLO पर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ERO के माध्यम से दबाव डाला गया. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कई जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों और BLO ने जब इस "लोकतंत्र की हत्या" में भाग लेने से इनकार किया, तो उन्हें ट्रांसफर की धमकी दी गई.
राज्य के कई जिलों में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थक BLA ने फर्जी फॉर्म-7 जमा कराए, जिनमें कई अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाने की सिफारिश की गई थी. जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है, अलवर, जयपुर और बाड़मेर में कांग्रेस ने हजारों फर्जी फॉर्म-7 जमा होने की शिकायत की है, जिनमें कई मतदाताओं ने खुद के नाम हटाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था.
बीजेपी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी है और केवल नियमों के तहत ही नाम हटाए जा रहे हैं. इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया, बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज हैं या जो मृत हैं, उन्हीं के नाम हटाए जा रहे हैं और कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रही है.
इस लेख में उल्लेख है, राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 41.85 लाख नाम हटाए गए, जिनमें 8.75 लाख मृत, 29.6 लाख स्थानांतरित और 3.44 लाख डुप्लीकेट नाम शामिल हैं.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
