जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार रात आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान घायल हुए आठ सैनिकों में से एक सेना के हवलदार की सोमवार को मौत हो गई.
ऑपरेशन ट्राशी-I के तहत सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया, जिसमें सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें शामिल हैं. क्षेत्र में दो से तीन आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है और ऑपरेशन अभी भी जारी है.
Deccan Herald के अनुसार, रविवार को सोनार गांव के पास मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों ने अचानक ग्रेनेड से हमला किया, जिससे आठ जवान घायल हो गए. इनमें से एक पैराट्रूपर, हवलदार गजेन्द्र सिंह, इलाज के दौरान शहीद हो गए.
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने X पर पोस्ट किया, “GOC, व्हाइट नाइट कॉर्प्स और सभी रैंक के लोग स्पेशल फोर्स के हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने 18 जनवरी 2026 की रात को चल रहे ऑपरेशन TRASHI-I के दौरान सिंगपुरा इलाके में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया.”
Hindustan Times ने बताया, मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों ने ऊंचाई वाले स्थानों से ग्रेनेड और एके-47 से हमला किया, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान हुआ. ऑपरेशन के दौरान घायल जवानों का इलाज जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, ऑपरेशन में ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है, ताकि आतंकवादियों के भागने की कोई संभावना न रहे. सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमों ने इलाके को घेर रखा है और तलाशी अभियान लगातार जारी है.
जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है, यह इस वर्ष जम्मू क्षेत्र में तीसरी बड़ी मुठभेड़ है. इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में और 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र में भी मुठभेड़ हुई थी. इन घटनाओं के बाद से सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
