अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2025-26 के लिए 7.3% और 2026-27 के लिए 6.4% रहने का अनुमान जताया है. यह अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है, लेकिन 2026-27 में गिरावट की ओर इशारा करता है. भारतीय सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, 2025-26 की पहली छमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8% रही, जबकि जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 8.2% तक पहुंच गई थी.
The Indian Express के अनुसार, IMF ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा कि 2026 और 2027 में भारत की वृद्धि दर 6.4% पर स्थिर रह सकती है, क्योंकि अस्थायी और चक्रीय कारक कमज़ोर पड़ेंगे. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025-26 के लिए 7.3% का अनुमान पिछले अनुमानों से 70 बेसिस पॉइंट अधिक है, जो तीसरी तिमाही के बेहतर प्रदर्शन और चौथी तिमाही की मजबूत गति के कारण है.
Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, IMF ने अक्टूबर 2025 के अपने पूर्वानुमान की तुलना में भारत की वृद्धि दर में 0.7 प्रतिशत अंक की वृद्धि की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026-27 और 2027-28 में वृद्धि दर 6.4% पर स्थिर रह सकती है. भारतीय सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, 2025-26 की पहली छमाही में 8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 2024-25 में यह 6.5% थी.
Deccan Herald ने एक अन्य रिपोर्ट में बताया कि Moody's ने भी भारत की 2025-26 की जीडीपी वृद्धि दर 7.3% रहने का अनुमान लगाया है. Moody's के अनुसार, इस मजबूत आर्थिक विस्तार से औसत घरेलू आय में वृद्धि होगी और बीमा क्षेत्र में मांग बढ़ेगी. रिपोर्ट में कहा गया, "हम उम्मीद करते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025 में 7.3% की दर से बढ़ेगी, जिससे औसत आय में वृद्धि और बीमा की मांग को समर्थन मिलेगा."
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, कि 2025-26 के लिए सांख्यिकी मंत्रालय की पहली अग्रिम अनुमान रिपोर्ट 7.4% की वृद्धि दर दिखाती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि 6.9% तक धीमी हो सकती है. साथ ही, IMF ने यह भी कहा कि भारत में मुद्रास्फीति "लक्ष्य स्तर के करीब" लौटने की संभावना है.
मौजूदा अनुमानों में यह भी बताया गया है कि 2027-28 के लिए IMF ने 6.4% की वृद्धि दर का अनुमान बरकरार रखा है जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लिखित. वैश्विक स्तर पर, IMF ने 2026 के लिए वैश्विक वृद्धि दर 3.3% और 2027 के लिए 3.2% रहने का अनुमान जताया है.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
