उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 29 मई 2026 को एक निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. हादसा देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान हुआ, जब मजदूर पुल के नीचे और आसपास शरण लिए हुए थे. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए, जबकि दो मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई.
Scroll के अनुसार, यह पुल मोराकंदर और कंदौर गांवों के बीच बेतवा नदी पर बनाया जा रहा था. हादसा रात करीब 2 बजे हुआ, जब कुछ मजदूर भारी बारिश के कारण हाइड्रा क्रेन के नीचे शरण लिए हुए थे. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया.
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान अचानक तेज आंधी आई, जिससे पुल का एक हिस्सा और सहायक स्तंभ गिर गए. कई मजदूर मलबे में दब गए. अधिकारियों ने बताया कि दो मजदूरों के अभी भी फंसे होने की आशंका है और बचाव कार्य जारी है.
Deccan Herald ने बताया, हादसे के बाद SDRF की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. वरिष्ठ जिला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और बचाव कार्य की निगरानी की. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए.
The News Minute के एक लेख में उल्लेख है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी किया और जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. “हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर हुए इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं,” X पोस्ट में सीएम ने कहा.
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, हादसा मोराकंदर परसानी गांव के पास हुआ. मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सवंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है.
घटना के समय कई मजदूर पुल के स्लैब पर सो रहे थे, जब अचानक स्लैब गिर गया. जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लिखित, तीन मजदूरों को एक पिलर के नीचे से सुरक्षित निकाला गया और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मलबा हटाने का कार्य जारी है.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
