पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक निर्माणाधीन सड़क पर गहरे गड्ढे में गिरने से एक बाइक सवार की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, यह हादसा सुबह लगभग 7 बजे हुआ जब पीड़ित व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल के साथ गड्ढे के नीचे पाया गया. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसे मृत घोषित किया. परिवार के अनुसार, वह व्यक्ति रोहिणी स्थित अपने कार्यस्थल से देर रात घर लौट रहा था और इसी दौरान यह दुर्घटना हुई.
Hindustan Times के अनुसार, पीड़ित के परिवार ने बताया कि उन्होंने रातभर उसकी तलाश की, कई पुलिस थानों और अस्पतालों में गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. पुलिस ने परिवार को उसकी अंतिम लोकेशन साझा की थी, लेकिन सुबह तक उसका शव ही मिला. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में पीड़ित अपनी अपाचे आरटीआर 200 मोटरसाइकिल के साथ गहरे गड्ढे में पड़ा दिखा. उस समय उसने हेलमेट, राइडिंग जैकेट और दस्ताने पहने हुए थे.
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के निर्माण स्थल का हिस्सा था और क्षेत्र को ठीक से बैरिकेड किया गया था. पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं ताकि घटनाक्रम की सटीक जानकारी मिल सके." यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में नोएडा में भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत निर्माण स्थल के गड्ढे में कार गिरने से हो गई थी.
इस रिपोर्ट में जिक्र है, राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दिल्ली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद इस 'डेथ ट्रैप' को ठीक से बैरिकेड नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ. उन्होंने लिखा, "कल्पना कीजिए उस परिवार और छोटे बच्चों की, जो पूरी रात उसके लौटने का इंतजार करते रहे और अब जीवनभर इंतजार करेंगे."
जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है, पुलिस ने कहा है कि वे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरक्षा उपायों में कोई चूक हुई या नहीं. इस मामले ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों और बैरिकेडिंग की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया, कि यह घटना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है. हाल ही में नोएडा के सेक्टर 150 में भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत निर्माण स्थल के गड्ढे में कार गिरने से हो गई थी. इन घटनाओं ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी को उजागर किया है.
इस लेख में उल्लेख है, कि पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
