मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 के नतीजों में बीजेपी-शिंदे सेना गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. कुल 227 सीटों में से गठबंधन ने 121 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि कांग्रेस, एनसीपी और ठाकरे गुट को अपेक्षित सफलता नहीं मिली. मतदान 15 जनवरी को हुआ था और मतगणना 16 जनवरी सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी. इस चुनाव में 1,700 उम्मीदवार मैदान में थे और मतदान प्रतिशत 52.94 रहा.
The Indian Express के अनुसार, बीजेपी-शिंदे सेना गठबंधन ने शुरुआती रुझानों के अनुरूप 114 सीटों का बहुमत पार कर लिया है और कई वार्डों में निर्णायक बढ़त बनाई है. कांग्रेस को केवल शुरुआती जीत मिली, जबकि ठाकरे गुट और अन्य विपक्षी दल पीछे रह गए हैं. इस बार बीएमसी का बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है, जिससे यह देश की सबसे अमीर नगर निकाय बनी हुई है.
Amar Ujala की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित किए जा रहे हैं, जिसमें बीजेपी गठबंधन ने बीएमसी में 121 सीटों पर बढ़त बनाई है. AIMIM ने भी इस बार अपना खाता खोला है, जबकि अन्य दलों को सीमित सफलता मिली है.
Financial Express ने बताया, बीएमसी चुनाव में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे बीजेपी-शिंदे सेना गठबंधन ने पार कर लिया है. एग्जिट पोल्स ने भी इसी तरह के परिणाम की भविष्यवाणी की थी, जिसमें बीजेपी-शिवसेना को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान था. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली.
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, महायुति गठबंधन 129 सीटों पर आगे है, जबकि ठाकरे गुट 71 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. यह चुनाव नौ साल बाद हुआ, जिसमें 46% से 50% के बीच मतदान दर्ज किया गया. मतगणना 23 केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से हो रही है, जिससे अंतिम परिणाम आने में देरी हो सकती है.
इस रिपोर्ट में जिक्र है, मतगणना के दौरान महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट mahasec.maharashtra.gov.in पर वार्डवार और पार्टीवार परिणाम उपलब्ध कराए जा रहे हैं. मतदाताओं के लिए बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी परिणाम देखना संभव है.
Hindustan Times ने एक लेख में कहा, बीएमसी चुनाव के साथ-साथ महाराष्ट्र की अन्य नगरपालिकाओं के परिणाम भी आज घोषित किए जा रहे हैं. मुंबई में 23 केंद्रों पर मतगणना हो रही है और 68 सीटें मराठी बहुल इलाकों में निर्णायक मानी जा रही हैं.
इस लेख में उल्लेख है, विपक्ष ने मतदान के दौरान मार्कर पेन के इस्तेमाल और डोर-टू-डोर प्रचार को लेकर सवाल उठाए हैं. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है, जबकि सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में कई वीडियो वायरल हुए.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.
