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उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित हो चुकी है. 2.89 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं. अब सवाल उठता है कि नामों के काटे जाने का राजनीतिक पार्टियों पर क्या असर पड़ सकता है. इसका पता करने के लिए द क्विंट ने इलेक्शन कमीशन के ड्राफ्ट लिस्ट का विश्लेषण किया. तब सामने आया कि उत्तर प्रदेश में जिन लोकसभा सीटों पर ज्यादा नाम कटे हैं उनमें से सबसे ज्यादा सीटें बीजेपी की हैं. इसे कुछ आंकड़ों के जरिए समझते हैं.
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 33 सीटों पर जीत हासिल की थी. SIR की प्रक्रिया में अगर टॉप 20 सीटें देखा जाए, जहां सबसे ज्यादा नाम कटे हैं तो उन 20 में से 15 सीटें बीजेपी के पास हैं. इन 33 में से 15 सीटें ऐसी हैं जहां सबसे ज्यादा वोटर के नाम कटे (डिलीशन) हैं. इसके अलावा 3 समाजवादी पार्टी और 2 कांग्रेस के पास हैं. कुछ लोकसभा सीटों के उदाहरण से समझते हैं.
लखनऊ लोकसभा (BJP): यहां सबसे अधिक 35.71% वोटर डिलीशन दर्ज किया गया. कुल 7,75,498 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए.
गाजियाबाद लोकसभा (BJP): इस सीट पर 29.42% वोटर डिलीशन हुआ, जिसमें 8,66,316 मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए.
आगरा लोकसभा (BJP): आगरा में 28.18% वोटर डिलीशन दर्ज किया गया. यहां कुल 5,84,072 नाम हटाए गए.
फूलपुर लोकसभा (BJP): इस लोकसभा क्षेत्र में 28.15% वोटरों के नाम कटे, जिसकी संख्या 5,81,886 रही.
कानपुर लोकसभा (BJP): कानपुर में वोटर डिलीशन का प्रतिशत 28.11% रहा और कुल 4,67,404 मतदाताओं के नाम हटाए गए.
मेरठ लोकसभा (BJP): यहां 27.44% वोटर लिस्ट से बाहर हुए, यानी करीब 5,48,894 नाम काटे गए.
बरेली लोकसभा (BJP): बरेली में 23.95% वोटरों के नाम कटे , जिसकी संख्या 4,60,885 रही.
ये सभी सीटें शहरी या रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती हैं. SIR डेटा यह भी दिखाता है कि BJP की जीती हुई सीटों पर वोटर डिलीशन न सिर्फ प्रतिशत के लिहाज से ज्यादा है, बल्कि संख्या में भी काफी ज्यादा है.
उत्तर प्रदेश में SIR और लोकसभा सीटों का विश्लेषण
उत्तर प्रदेश SIR में नाम कटने और लोकसभा सीटों को देखें तो शहरी सीटों पर नाम कटने का ट्रेंड दिखता है. जैसे- लखनऊ (Lucknow), गाजियाबाद (Ghaziabad), कानपुर (Kanpur), आगरा (Agra), मेरठ (Meerut). वहीं कम नाम कटने वाली सीटों में हमीरपुर और झांसी भी हैं. जैसे- हमीरपुर में 11.25% और झांसी में 12.3% नाम कटे हैं. हालांकि, कम प्रतिशत होने के बावजूद, इन सीटों पर भी हटाये गए मतों की संख्या लाखों में है. हमीरपुर में 2,06,953 और झांसी में 2,65,815).
उत्तर प्रदेश की 80 में से सिर्फ 2 सीटें (रायबरेली, बुलंदशहर) ऐसी हैं जहां काटे गए नामों से ज्यादा जीत का मार्जिन है, बाकी सभी सीटों पर जीत के मार्जिन से ज्यादा डिलीशन हुआ है.
1. फर्रुखाबाद (Farrukhabad): यहां BJP की जीत का अंतर केवल 2,678 वोट था, जबकि यहां 3,47,489 (19.89%) वोट हटाए गए. हटाए गए वोट जीत के अंतर से लगभग 130 गुना अधिक हैं.
2. हमीरपुर (Hamirpur): यहां SP की जीत का अंतर मात्र 2,629 था, जबकि डिलीशन 2,06,953 का हुआ है.
3. बांसगांव (Bansgaon-SC): BJP यहां केवल 3,150 वोटों से जीती, जबकि यहां 3,37,432 वोट हटाए गए.
4. सलेमपुर (Salempur): SP ने यहां 3,573 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि 3,10,812 वोट डिलीट किए गए.
5. धौरहरा (Dhaurahra): SP की जीत का अंतर 4,449 था, जबकि 2,76,623 वोट काट दिए गए.
6. फूलपुर (Phulpur): यहां BJP ने 4,332 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि यहां 5,81,886 (28.15%) वोट हटाए गए. यहां डिलीशन और मार्जिन का अंतर 5,77,554 है, जो काफी ज्यादा है.
7. मेरठ (Meerut): यहां BJP की जीत का अंतर 10,585 था, लेकिन हटाए गए वोटों की संख्या 5,48,894 है.