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पटना के चितरगुप्त नगर स्थित एक निजी छात्रावास में रह रही 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में पाई गई थी. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में पुलिस ने यौन शोषण की संभावना से इनकार किया था, लेकिन बाद में फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर मानव वीर्य के निशान पाए गए. इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
The Hindu के अनुसार, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) ने छात्रा के कपड़ों पर मिले वीर्य के नमूनों का DNA प्रोफाइल तैयार करना शुरू कर दिया है. DNA प्रोफाइलिंग के बाद इसे गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों से मिलान किया जाएगा. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी छात्रा के शरीर पर चोट के निशान और हिंसा के संकेत मिले हैं.
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतका के परिवार ने शुरू से ही यौन शोषण और हत्या की आशंका जताई थी, जिसे पुलिस ने पहले नकार दिया था. लेकिन फॉरेंसिक जांच में मिले नए साक्ष्यों के बाद पुलिस ने चितरगुप्त नगर थाने की प्रभारी निरीक्षक रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के सहायक निरीक्षक हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
Hindustan Times ने बताया, छात्रा के कपड़े उसके परिवार ने 10 जनवरी को पुलिस को सौंपे थे, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि छात्रा की लेगिंग्स पर वीर्य के निशान मिले हैं. पुलिस अब इन नमूनों का DNA प्रोफाइल तैयार कर रही है, जिसे आरोपियों और अन्य संदिग्धों से मिलाया जाएगा.
“फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर मानव वीर्य के निशान मिले हैं. DNA प्रोफाइलिंग के बाद इसे आरोपियों से मिलाया जाएगा.”
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के निजी अंगों पर चोट और नाखून के निशान पाए गए हैं. प्रारंभिक डॉक्टरों की राय थी कि छात्रा ने नींद की गोलियां खाई थीं और टाइफाइड से भी पीड़ित थी, लेकिन बाद में मेडिकल बोर्ड ने कहा कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता.
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लिखित. SIT ने जांच के दौरान छात्रावास के मालिक को भी गिरफ्तार किया है. परिवार ने जांच में पारदर्शिता की मांग करते हुए CBI जांच की भी मांग की है.
मेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बिनय कुमार ने बताया कि SIT ने अभी तक सभी जरूरी दस्तावेज बोर्ड को उपलब्ध नहीं कराए हैं, जिससे अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं हो पा रहा है जैसा कि इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया.
“हमें SIT द्वारा अभी तक सभी जरूरी दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिससे हम कोई निष्कर्ष नहीं निकाल सकते.”
मामले में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया है इस रिपोर्ट में जिक्र है.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.