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UPI Scam - यह शब्द सुनते ही आपको समझ आ जाएगा कि हम UPI से होने वाले स्कैम की बात करेंगे, जिनमें किसी अंजान QR स्कैनर या लिंक की मदद से आपके साथ स्कैम हो सकता है. आपका अंदाजा कुछ हद तक सही भी है. लेकिन स्कैमर्स ने UPI स्कैनर की मदद से Scam करने की ऐसी नई तरकीब ढूंढ निकाली है जिसका आपको बिलकुल भी अंदाजा नहीं होगा.
यह Scam खास तौर से एंड्राइड यूजर्स को टारगेट करता है और उनकी सहमति के बिना उनके बैंक खातों को किसी अंजान डिवाइस से जोड़ देता है. सोशल मीडिया साईट X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पत्रकार ने अपनी बहन का अनुभव शेयर कर बताया कि अच्छी खासी सावधानी बरतने के बावजूद, स्कैमर्स ने इस स्कैम के जरिए उनको निशाना बनाने की कोशिश की.
कैश में पेमेंट करने के बावजूद महिला को स्कैम का शिकार बनाने की कोशिश की गई.
(सोर्स: X/स्क्रीनशॉट)
'The Quint' की 'ScamGuard' सीरीज की इस कड़ी में हम आपको बताएंगे कि Android पर होने वाला यह QR कोड Scam कैसे काम करता है, अगर आप इसके शिकार हो जाएं तो क्या करें, और आप खुद को इससे पहले से कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.
नकली स्क्रीनशॉट या PIN मांगने वाली कॉल को भूल जाइए. नए तरह के इस फाइनेंशियल फ्रॉड में आपको बस अपने फोन के डिफॉल्ट कैमरे से एक QR कोड स्कैन करना होता है, इस स्कैनर के साथ पहले ही छेड़छाड़ की जा चुकी होती है.
यह स्कैमर्स आपके Android डिवाइस पर इस संदिग्ध QR कोड का इस्तेमाल करते है, और आपके डिवाइस को उनके डिवाइस या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर आपके बैंकिंग ऐप्स के साथ रजिस्टर कर लेते हैं.
QR कोड की मदद से फसाना: स्कैमर एक खास तरह का हाईजैक किया हुआ QR कोड दिखाता है (जो अक्सर सड़क किनारे सामान बेचने वालों या ड्राइवरों के पास होता है). इसे स्कैन करने पर कोई सुरक्षित पेमेंट गेटवे नहीं खुलता है. इसके बजाय, यह एक ऐसा सिस्टम एक्टिवेट कर देता है, जिससे आप खतरे में पड़ सकते हैं.
जबरदस्ती वेरिफिकेशन SMS भेजना: यह मैलिशियस कोड पीड़ित के फोन से बैकग्राउंड में बड़ी खामोशी से एक SMS की मदद से UPI रजिस्ट्रेशन के लिए रिक्वेस्ट भेज देता है. कुछ मामलों में देखा गया कि इन SMS में भरोसे के लिए HDFCUPI या इसके जैसा दिखने वाला टेक्स्ट शामिल किया जाता है.
आपके डिवाइस पर कब्जा: इसी रजिस्ट्रेशन के दौरान स्कैमर्स पीड़ित का फोन नंबर अपने डिवाइस पर कई बैंकिंग ऐप्स में डालते हैं. जब पीड़ित का फोन वह एन्क्रिप्टेड SMS टोकन भेजता है, तो नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सिस्टम गलती से स्कैमर के फोन को असली और प्राइमरी डिवाइस मानकर उसे वेरिफाई कर लेते हैं.
मल्टी-बैंक स्कैम: एक बार जब आपका फोन नंबर स्कैमर के फोन से जुड़ जाता है, तो ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट्स कुछ ही मिनटों में उस नंबर से जुड़े सभी बैंक अकाउंट (HDFC, Axis, ICICI, SBI, वगैरह) की जानकारी निकाल लेती हैं, जिससे इन स्कैमर्स को पीड़ित के बैंक अकाउंट से पैसे निकालने का पूरा कंट्रोल मिल जाता है.
ऐसा QR कोड स्कैन करना जो पेमेंट गेटवे के बजाय आपके फोन में SMS या मैसेजिंग ऐप खोल दे.
आपके आउटबॉक्स में अनजान आउटगोइंग SMS जिनमें अजीब अल्फान्यूमेरिक कोड हों (जैसे, HDFCUPI).
जिन बैंकों में आपके अकाउंट हैं, उनसे अचानक बहुत सारे अनचाहे UPI रजिस्ट्रेशन या एक्टिवेशन SMS आना.
सड़क पर लगे ऐसे QR कोड जिनसे छेड़छाड़ की गई हो, या जिन्हें वेंडर आपको "जल्दी से अपने कैमरे से स्कैन करने" के लिए कह रहे हों.
अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को अचानक बहुत सारे UPI एक्टिवेशन मैसेज मिलते हैं या इसका शक होता है कि किसी ने डिवाइस पर कब्जा कर लिया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
तुरंत *99# डायल करें: प्रभावित सिम से NPCI के इस यूनिवर्सल नंबर को डायल करें. UPI ब्लॉक करने या UPI प्रोफाइल डिसेबल करने का ऑप्शन चुनें. यह बिना इंटरनेट के सभी बैंकों में तुरंत काम करता है.
SMS फॉरवर्डिंग चेक करें: यह पक्का करने के लिए कि हैकर ने चुपके से कॉल या SMS फॉरवर्डिंग सेट तो नहीं की है, *#21# डायल करें. अगर ऐसा है, तो इसे तुरंत हटाने के लिए ##002# डायल करें.
अपने ऐप्स डी-रजिस्टर करें: अगर आपके पास अभी भी Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM ऐप्स का एक्सेस है, तो सीधे सेटिंग्स में जाएं और 'De-register UPI Profile' चुनें. इससे सभी बाहरी सेशन बंद हो जाते हैं.
1930 पर कॉल करें: एक्टिव डिवाइस-बाइंडिंग फ्रॉड की रिपोर्ट करने और आगे के फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें. आप cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं.
कभी भी सड़क पर सामान बेचने वाले या ड्राइवर के QR कोड को अपने फोन के डिफॉल्ट कैमरा ऐप या आम QR स्कैनर से स्कैन न करें.
स्कैन करने के लिए हमेशा Google Pay, PhonePe, BHIM या अपने बैंक के आधिकारिक ऐप जैसे भरोसेमंद और ऑफिशियल ऐप का ही इस्तेमाल करें. इनके सुरक्षित पेमेंट इंटरफ़ेस, डिवाइस-बाइंडिंग की खतरनाक कोशिशों को सख्ती से रोकने में मदद करते हैं.
'द क्विंट' की 'स्कैमगार्ड' पहल का मकसद नए-नए डिजिटल स्कैम के बारे में जानकारी देना है, ताकि आप जागरूक और सतर्क रह सकें. अगर आपके साथ कोई स्कैम हुआ है या आपने किसी स्कैम को नाकाम किया है, तो हमें अपनी कहानी बताइए. आप हमें WhatsApp नंबर +919540511818 पर संपर्क कर सकते हैं या myreport@thequint.com पर ईमेल कर सकते हैं. आप Google फॉर्म भरकर भी हमें अपनी कहानी पंहुचा सकते हैं.
( इनपुट्स - आशीष चतुर्वेदी, सोहम )