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सोशल मीडिया पर दो वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिसमें से एक में सेना की वर्दी में कुछ सैनिक नजर आ रहे हैं और उनके आस पास कुछ महिलाएं नजर आ रही हैं जो उन्हें कहीं जाने से रोकने की कोशिश करती दिख रही हैं.
दूसरे वीडियो में सेना के घेरे में भीड़ को देखा जा सकता है जो कहीं पहुंचने की कोशिश कर रही है.
दावा: इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना घुस आई है और वहां की महिलाएं चीन की सेना को देश से निकलने के लिए बोल रही हैं."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह दोनों वीडियो एक लोकेशन या घटना के नहीं है, दोनों वीडियो अलग-अलग जगह और घटना की है.
पहली वीडियो मणिपुर की है जिसमें यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF-पाम्बेई) और मणिपुर पीपल्स आर्मी (MPA) के सदस्य हैं न कि चीनी सेना के जवान.
दूसरे वीडियो अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप, बालटाल में रिकॉर्ड किया गया था जहां यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हुई थी.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने दोनों क्लिप पर गूगल लेंस की मदद से बारी बारी इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें पहला वीडियो 30 जून, 2026 को 'Poknapham/The People's Chronicle' नाम के फेसबुक पेज पर अपलोड किया गया मिला.
इस पेज पर इस वीडियो के बारे में लिखा था कि, "इस वीडियो में पाम्बेई के नेतृत्व वाले यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के सदस्यों को सरेंडर करते और राज्य के सुरक्षा बलों में शामिल होते हुए दिखाई दे रहे हैं." (मणिपुरी से हिंदी में अनुवाद)
इसके सिवा हमें वायरल वीडियो में नजर आ रहे लोगों की यूनिफॉर्म पर लगे लोगो को ध्यान से देखा और UNLF के लोगो को इंटरनेट पर सर्च किया. हमारी सर्च में हमें पाया कि वायरल वडियो में यूनिफॉर्म पर नजर आ रहा लोगो मणिपुर के UNLF के लोगों से मेल खा रहा था.
वर्दी में UNLF-MPA का लोगो देखा जा सकता है.
(सोर्स - स्क्रीनशॉट/Altered By The Quint)
दूसरा वीडियो जिसमें सुरक्षाकर्मी और आम लोग बड़ी संख्या में एक जगह जमा दिख रहे थे, इसकी पड़ताल के लिए हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल किया जिसमें हमें सुशील सैनी नाम के एक व्यक्ति की 5 जुलाई 2026 को पोस्ट की गई यह इंस्टाग्राम पोस्ट मिली.
इस पोस्ट के मुताबिक यह वीडियो जम्मू-कश्मीर के बालटाल में रिकॉर्ड किया गया था, जो अमरनाथ यात्रा का मुख्य बेस कैंप है. इस कैप्शन में बताया गया था कि यह भीड़ अमरनाथ यात्रा के लिए तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए जमा हुई थी.
इस पोस्ट को यहां देखा जा सकता है.
(सोर्स - स्क्रीनशॉट/इंस्टाग्राम)
वीडियो में बारे में अधिक जानकारी के लिए टीम वेबकूफ ने सुशील सैनी से सम्पर्क किया, सुशिल ने हमें बताया कि, "यह वीडियो 04 जुलाई 2026 का बालटाल का है, इस वीडियो में नजर आ रही भीड़ अमरनाथ यात्रा के लिए तत्काल रजिस्ट्रेशन करवाने वालों की भीड़ है."
उन्होंने बताया कि यह वीडियो उन्होंने ही रिकॉर्ड कर अपलोड किया था और इस जैसे अन्य वीडियो भी अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए थे.
भारतीय सेना का जवाब: मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने 29 जून 2026 को ऐसी खबरों को खारिज कर दिया था जिनमें दावा किया गया था कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और भारतीय इलाके में सैन्य कैंप बनाए हैं. सेना ने इन दावों को "गलत और बिना किसी आधार के" बताया था.
इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के टक्सिंग की एक कम्युनिटी-बेस्ड संस्था, नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) ने डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि PLA ने भारत-चीन सीमा के पास भारतीय इलाके में कैंप बना लिए हैं.
निष्कर्ष: मणिपुर और जम्मू की अलग-अलग घटनाओं के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)