
advertisement
पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के 'पोस्टल बैलेट' (डाक मतपत्र) के आंकड़ों का विश्लेषण सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) की कहानी बयान कर रहा है. यह वोट सरकारी कर्मचारियों और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों का होता है. प्रदेश की 293 सीटों पर 465787 पोस्टल वोट्स पड़े, जिसमें बीजेपी को कुल 2,53,489 (54%) पोस्टल वोट मिले हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 1,55,112 (33%) वोटों पर सिमट गई.
सीटों के लिहाज से देखें तो पोस्टल बैलेट के जरिए बीजेपी ने 242 सीटों पर बढ़त बनाई है और टीएमसी सिर्फ 50 सीटों पर आगे है. जमालपुर सीट (533-533) पर दोनों के बीच मुकाबला टाई (Tie) रहा. बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा. रिजल्ट 24 मई को आएगा.
सभी 293 सीटों के पोस्टल बैलेट डेटा का क्षेत्रवार विश्लेषण
उत्तर बंगाल की लगभग सभी सीटों पर पोस्टल बैलेट में बीजेपी ने एकतरफा और भारी मार्जिन से जीत दर्ज की है. यहां जीतने का अंतर सैकड़े में नहीं, बल्कि हजार में है.
प्रमुख सीटें: इंग्लिश बाजार में बीजेपी 2589-623 (TMC) से आगे है.
जलपाईगुड़ी में बीजेपी 2513-884 से, रायगंज में 2120-496 से, और कूचबिहार उत्तर में 2158-775 से लीड कर रही है.
पहाड़ी इलाके: दार्जिलिंग (बीजेपी 1343), कलिम्पोंग (बीजेपी 1136), और कुर्सियांग (बीजेपी 1040) में बीजेपी को पोस्टल बैलेट के जरिए अच्छे वोट मिले हैं.
पश्चिम बंगाल का जंगलमहल (Jangalmahal) क्षेत्र मुख्यतः राज्य के पश्चिमी हिस्से में फैला है, जहां आदिवासी आबादी अधिक है. इसमें मुख्य रूप से पुरुलिया (Purulia), बांकुड़ा (Bankura), मेदिनीपुर (Medinipur) शामिल हैं.
जंगलमहल और औद्योगिक बेल्ट की सीटों पर सरकारी कर्मचारियों ने टीएमसी से ज्यादा बीजेपी पर भरोसा जताया है.
औद्योगिक क्षेत्र: आसनसोल उत्तर (BJP 766 - TMC 542), दुर्गापुर पश्चिम (BJP 732 - TMC 369) और खड़गपुर सदर (BJP 951 - TMC 380) जैसी शहरी/औद्योगिक सीटों पर भी बीजेपी पोस्टल बैलेट में आगे है.
दक्षिण बंगाल, जो कभी टीएमसी का अभेद्य किला माना जाता था, वहां भी पोस्टल बैलेट के आंकड़े पूरी तरह पलट गए हैं.
कांथी दक्षिण में बड़ा मार्जिन देखने को मिला जहां बीजेपी 2109 वोटों के साथ आगे है और टीएमसी 1174 पर है.
नंदीग्राम (BJP 1332 - TMC 899), हल्दिया (BJP 1302 - TMC 438), और तमलुक (BJP 1511 - TMC 889) में बीजेपी ने स्पष्ट रूप से सरकारी कर्मचारियों का भरोसा जीता है.
कोलकाता और आसपास के शहरी बेल्ट की कई सीटों पर पोस्टल बैलेट में BJP बढ़त बनाए हुए है.
जैसे- बिधाननगर (BJP 792 बनाम TMC 567), दमदम (929 बनाम 636), बराकपुर (907 बनाम 551), राशबेहारी (725 बनाम 592), बेहाला पश्चिम (1067 बनाम 712), बेहाला पूर्व (904 बनाम 571), कस्बा (582 बनाम 456), बारानगर (721 बनाम 527) और पानिहाटी (698 बनाम 362) जैसी सीटों पर BJP स्पष्ट रूप से आगे दिखती है.
इन सीटों में आम तौर पर मिडिल क्लास, सर्विस क्लास और इंडस्ट्रियल बेल्ट का असर है, जहां पोस्टल बैलेट (सरकारी/ड्यूटी वोट) BJP के पक्ष में झुकता नजर आता है.
राज्य के जिन इलाकों में टीएमसी ने पोस्टल बैलेट में अपनी बढ़त बनाई है (जो कुल 50 सीटें हैं), उनमें से अधिकांश मुर्शिदाबाद, मालदा और 24 परगना के मुस्लिम बहुल पॉकेट्स हैं.
हालांकि टीएमसी यहां आगे है, लेकिन लीड का अंतर (100-200 वोट) बीजेपी की 2000+ वाली लीड के मुकाबले बेहद कमजोर है.
जब हम सभी 294 सीटों के पोस्टल बैलेट को 'वोटर डिलीशन' (Electors Deletion Under Adjudication) के प्रतिशत से जोड़ते हैं, तो तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाती है। राज्य के जिन जिलों में सबसे ज्यादा डिलीशन प्रतिशत दर्ज किया गया है—जैसे नदिया (77.86%) और हुगली (70.33%)—वहां की सीटों पर पोस्टल बैलेट में भी बीजेपी का भयंकर अंडरकरंट है.
293 सीटों का यह पोस्टल बैलेट पैटर्न पूरी तरह से 2026 के चुनावी अनुमानों की गवाही दे रहा है, जिसमें बीजेपी 206 सीटों पर पहुंच रही है और 2021 में 215 सीटें जीतने वाली टीएमसी 81 सीटों पर सिमट रही है. सरकारी तंत्र और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों के बीच बीजेपी के पक्ष में 1 लाख से अधिक वोटों की यह लीड बताती हैं कि राज्य का मशीनरी वर्ग बदलाव (Shift) के पक्ष में खड़ा दिख रहा था.