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एक घायल शख्स जमीन पर पड़ा है. उसके चेहरे पर चोट के निशान हैं. लाठी-डंडे लिए कुछ लोग उसे घेरे हुए हैं. वे उससे जय श्रीराम बोलने के लिए कहते हैं. घायल शख्स उनके कहने पर श्रीराम बोलता है. फिर वे उससे गाय मेरी मां है, बोलने के लिए कहते हैं. वो ये भी बोलता है. लेकिन इसके बावजूद उस पर लाठी-डंडे बरसते रहते हैं.
ये वायरल वीडियो ओडिशा के बालासोर का बताया जा रहा है. पुलिस इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवा रही है. वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान 35 वर्षीय शेख मकंदर मोहम्मद के रूप में हुई है. शेख मकंदर अब इस दुनिया में नहीं हैं. कुछ लोगों ने पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी. मामला बुधवार, 14 जनवरी का है. अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने इस मामले में 14 जनवरी की शाम को बीएनएस की धारा 103(2) (मॉब लिंचिंग) के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें पांच लोगों को नामजद किया गया था.
FIR के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजे हथियारबंद आरोपियों ने पिकअप वैन रोककर हेल्पर पर हमला किया. हमले में हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया. सूचना पर पीसीआर वैन मौके पर पहुंची. पुलिस ने घायल को बालासोर डीएचएच में भर्ती करवाया. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मॉब लिंचिंग मामले में दर्ज FIR की कॉपी
(क्विंट हिंदी द्वारा प्राप्त)
द क्विंट से बातचीत में मृतक के छोटे भाई शेख जितेंद्र मोहम्मद बताते हैं, "मेरा भाई राज मिस्त्री का काम करता था. वो अपने दोस्त के साथ कभी-कभी पिकअप में हेल्पर का काम करने भी चला जाता था. वो हेल्पिंग के लिए गया था. रास्ते में बजरंग दल के लोगों ने उसको पीटा."
जब पूछे जाने पर कि उन्हें कैसे पता कि मारपीट करने वाले लोग बजरंग दल के थे. इस पर जितेंद्र कहते हैं कि हॉस्पिटल में उनके भाई ने उन्हें बताया था.
बालासोर एसपी प्रत्युष दिवाकर ने द क्विंट से बातचीत में बताया, "14 तारीख की सुबह हमें इन्फॉर्मेशन मिली थी कि एक गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ है और उसमें एक घायल है. मौके पर पहुंच कर पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती करवाया. इलाज के दौरान दोपहर में घायल शख्स की मौत हो गई."
वायरल वीडियो पर जितेंद्र कहते हैं, "कितना बेरहमी से मार रहे हैं. बोल रहे हैं कि जय श्रीराम बोल, हम तुझे छोड़ देंगे. उससे जबरदस्ती बुलवाया गया, लेकिन उसको नहीं छोड़ा."
क्या मकंदर मोहम्मद की पिटाई मुस्लिम होने की वजह से हुई या फिर किसी और वजह से? इस सवाल पर जितेंद्र कहते हैं, "वो तो मुझे नहीं पता. मुस्लिम होने की वजह है या फिर कुछ और. मुझे नहीं पता. भाई ने भी कुछ नहीं बताया."
जितेंद्र ने बताया कि उनके भाई कहां और किस लिए गए थे, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी.
एसपी दिवाकर ने बताया कि गिरफ्तार हुए दो आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री रही है. हाईवे लूट मामलों में वे पहले शामिल रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मारपीट के पीछे क्या मकसद था ये आगे की जांच के बाद ही क्लीयर हो पाएगा.
मकंदर अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं. उनकी सबसे छोटी बेटी दो महीने की है. जितेंद्र ने बताया कि प्रशासन की ओर से उनके परिवार को 20 हजार रुपये की मदद मिली है.
इस मामले में पुलिस ने पिकअप वैन के मालिक और ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 281, 3(5) और 303(2) के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a), 11(1)(d), 11(1)(f) और ओडिशा गोवंश वध निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है.
पशु क्रूरता और गोवंश वध निवारण कानून के तहत भी मामला दर्ज.
(क्विंट हिंदी द्वारा प्राप्त)
एसपी दिवाकर ने बताया कि पुलिस को मौके पर पलटी हुई वैन में घायल मवेशी मिला था. जिसके बाद एक अन्य FIR भी दर्ज की गई है.
क्या पिकअप ड्राइवर के बारे में कुछ पता चला? इसपर उन्होंने कहा, "अभी उनके (पिकअप वैन ड्राइवर) के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. मामले की जांच जारी है."