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"हम एक दुकान में कुछ सामान लाने गए थे. वहां एक लड़का था उसने हमसे कहा कि भारत माता की जय बोलो, जय हिंद बोलो, जय सीता राम बोलो. हमने कहा कि हम ये नहीं बोल सकते. हां, हम भारत माता की जय बोल सकते हैं, भारत की जय बोल सकते हैं. फिर एक घंटे बाद मेरे रूम पर वो लड़का आया और धमकी दिया. अगले दिन फिर उन लोगों ने मुझे पकड़ा और कहा, 'साला बांग्लादेशी, तुमको मार देंगे'. फिर कॉलर पकड़ के दो आदमी मुझे पीटने लगे. पीछे से एक और आदमी ने पीटना शुरू कर दिया. 2-3 किलोमीटर तक पूरे गांव में पीटते हुए ले गए. कोई बचाने वाला नहीं था. नाक-मुंह से खून निकल रहा था. फिर आखिर में एक काली मंदिर के पास ले जाकर बोला- चल स*&* तेरे को काली मंदिर में चढ़ा दूंगा."
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की आग भारत के अल्पसंख्यक मुसलमान तक पहुंच गई है. बिहार के मधुबनी में कुछ कट्टरपंथियों ने भारत के ही रहने वाले एक मजदूर को बांग्लादेशी बोलकर बेरहमी से पिटाई की, जिसमें मजदूर नूरशेद गंभीर रूप से घायल हो गए.
इस मामले पर राजनगर थाने में पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, हालांकि हमला करने वाले अबतक फरार हैं.
नूरशेद आलम पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसमें भीड़ के बीच में जमीन पर लहूलुहान मजदूर नूरशेद आलम गिरा हुआ है. एक युवक बार-बार नूरशेद के मुंह पर घूंसे मार रहा है. और भीड़ में लोग बांग्लादेशी-बांग्लादेशी बोल रहे हैं.
द क्विंट ने घटना को जानने के लिए नूरशेद के रिश्तेदार और सुपौल के पड़ोसी नसीम से बात की. उन्होंने बताया कि नूरशेद को काफी चोटें आई हैं और इलाज के लिए उन्हें बीरगंज, नेपाल ले जाया गया है. नसीम ने बताया,
बता दें कि ये घटना मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के नंदी चकरा गांव में हुई है. द राजनगर थाना के एसएचओ ने द क्विंट को बताया कि जिन लोगों ने नूरशेद की पिटाई की है उन्हें चिह्नित कर लिया गया है. एसएचओ चंद्र किशोर टुड्डू ने कहा,
वहीं घटना की वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस ने बयान जारी किया है. बयान में कहा है, "राजनगर थाना क्षेत्र अन्तर्गत मारपीट की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है. जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा बांग्लादेशी बताकर 01 व्यक्ति को पीटा जा रहा हैं. घटना दिनांक 30.12.2025 समय करीब 01:00 बजे राजनगर थाना क्षेत्र के चकदह गाँव की हैं. राजनगर थाना द्वारा पीड़ित से संपर्क स्थापित किया गया. जांच में पता चला हैं की पीड़ित व्यक्ति बांग्लादेश का नहीं बल्कि सुपौल जिले का रहने वाला हैं तथा फेरी का काम करता हैं. उक्त घटना को पुलिस अधीक्षक, मधुबनी द्वारा गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु एक टीम का गठन किया गया हैं."
सोशल मीडिया पर हमले का दो वीडियो वायरल है. वीडियो में ब्लू स्वेटर पहले खून से लथपथ नूरशेद को भीड़ ने घेर रखा है. कोई आधार कार्ड मांग रहा है तो कोई भद्दी भद्दी गाली दे रहा है. कुछ लोग बांग्लादेशी कह रहे हैं, कुछ लोग नूरशेद के मोबाइल में पाकिस्तानी नंबर होने का दावा कर रहे हैं.
हालांकि वहां मौजूद लोगों में से कोई भी नूरशेद को बचाते नहीं दिख रहा है.