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कॉमेडियन राजीव निगम से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म मॉलिटिक्स (Molitics), 4PM न्यूज और नेशनल दस्तक के फेसबुक पेज को भारत में बैन कर दिया गया है. मेटा (Meta) की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह कार्रवाई भारत सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों के नोटिस के आधार पर की गई है.
नोटिस के मुताबिक, यह प्रतिबंध IT एक्ट 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत लगाया गया है. जिसके मुताबिक, सरकार से नोटिस मिलने के बाद इंटरनेट मध्यस्थों (जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या इंटरनेट सेवा प्रदाता) को सरकार से वास्तविक जानकारी या अधिसूचना प्राप्त होने पर गैरकानूनी सामग्री को तुरंत हटाना या उस तक पहुंच को सीमित करना है. ऐसा नहीं करने पर मध्यस्थ की कानूनी सुरक्षा समाप्त हो सकती है.
द क्विंट ने कॉमेडियन राजीव निगम से बात की. उन्होंने कहा, "मुझे कुछ नहीं पता कि किस वजह से मेरा फेसबुक पेज इंडिया में बैन हुआ है. मैंने कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट नहीं डाली. मुझे ये भी नहीं बताया गया कि किस पोस्ट की वजह से मेरा फेसबुक बैन हुआ है."
मॉलिटिक्स के संपादक नीरज झा ने द क्विंट से बातचीत में बताया, "हमारे पास रात के 2 बजे के आसपास सीधा फेसबुक का एक नोटिफिकेशन आया था. नोटिफिकेशन में कोई कारण नहीं बताया गया है. IT एक्ट की धारा 79(3) का हवाला दिया गया है और पेज को इंडिया में बैन किया गया है. एक्सेस डिसेबल किया गया है."
इसके साथ ही वे कहते हैं, "एक तो ये होता है कि अगर किसी कंटेंट से कोई समस्या या दिक्कत है तो आप नोटिफाई करें. अगर हम सही हैं तो हम अपना पक्ष रखेंगे. अपना पक्ष रखना तो सबसे मुख्य चीज है. इसमें तो कोई कारण ही नहीं बताया गया है. ये एक ब्लैंकेट बैन है. इस पेज से दिक्कत है तो इसको बंद कर दो."
राजीव निगम ने फेसबुक पर डाले गए हालिया पोस्ट के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, "मुझे जो याद है, मैंने ट्वीटर पर AI से बना एक वीडियो देखा था लापता सिलेंडर. हम लोग वीडियो डालने से पहले देखते हैं कि कोई कॉपीराइट का इश्यू तो नहीं है. वही पोस्ट मैंने अपनी फेसबुक पर डाला, जिसके बाद फेसबुक की तरफ से एक मैसेज आया था कि ये कंटेंट इंडिया में नहीं दिखेगा. उसके बाद मैंने वह वीडियो डिलीट कर दिया. हालांकि उस वीडियो में ऐसा कुछ था भी नहीं. ह्यूमरस टाइप का AI से बना वीडियो था लापता सिलेंडर."
राजीव निगम द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किए गए 'लापता सिलेंडर' वाले वीडियो को मेटा ने 18 मार्च को भारत में ब्लॉक कर दिया था.
(फोटो: द क्विंट द्वारा प्राप्त)
वहीं नीरज झा कहते हैं, "मुझे ऐसा कोई भी पोस्ट समझ में नहीं आता, जिससे उनको दिक्कत हुई होगी. क्योंकि पत्रकारिता हम समझते हैं. पत्रकारिता जिन सवालों की आजादी देता है, वो सवाल हम पूछते हैं. मतलब कि जिन सवालों को पूछा जाना चाहिए, हम लगातार वही कर रहे थे."
द क्विंट से बात करते हुए संजय शर्मा ने बताया, सबसे पहले 4PM के यूटयूब नेशनल चैनल को बैन किया गया, फिर चैनल की रील पर बैन लगाया गया और उसके बाद 4PM के फेसबुक पेज को भी भारत में बैन कर दिया गया.
4PM की तरफ से वकील एसएम हैदर रिजवी ने बताया, "रिट पिटिशन दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता (संजय शर्मा और 4 PM न्यूज चैनल) ने अपने यूट्यूब चैनल को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ चुनौती दी है."
"कार्रवाई IT नियम, 2021 के नियम 16(2) और आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 69A (आपातकालीन शक्तियों) के तहत की गई थी. याचिकाकर्ता का तर्क है कि सरकार द्वारा बिना कोई पूर्व सूचना, कारण या ब्लॉकिंग आदेश की प्रति दिए बिना चैनल को ब्लॉक करना उनके मौलिक अधिकारों और प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों का उल्लंघन है," वे आगे कहते हैं.
पिटिशन में यह भी तर्क दिया गया है कि पूरे चैनल को ब्लॉक करना असंवैधानिक है, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Article 19(1)(a)) पर अत्यधिक और असंगत रोक है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से ब्लॉकिंग आदेश रद्द करने और चैनल बहाल करने की मांग की है.
वहीं इस मामले को लेकर मॉलिटिक्स भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. नीरज झा ने बताया कि पहले संस्थान इस मामले को लेकर मेटा को लिखेगी. वे कहते हैं, "सबसे पहले हम मेटा को रिप्लाई भेजेंगे. हम उनके जवाब का इंतजार करेंगे. अगर वहां से इसका समाधान निकलता है तो ठीक है, हालांकि, हमें इसकी संभावना कम लग रही है. तो फिर हम दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करेंगे."
वे आगे कहते हैं, "ये मुद्दा केवल मॉलिटिक्स या नेशनल दस्तक या फिर राजीव निगम का नहीं है. ये दिक्कत सबके साथ है."
राजीव निगम कहते हैं, "इंडिया में बैन को लेकर कुछ लोगों से बात की तो उस सेक्शन के बारे में पता चला. लेकिन अभी तक और कोई बातचीत नहीं हुई है. इससे पहले भी बैन हुए हैं लेकिन फेसबुक की तरफ से होता है और कुछ दिनों बाद खत्म हो जाता था, लेकिन सरकार की तरफ से पहली बार ऐसा हुआ है. सरकार की तरफ से पहली बार ऐसा रिकमंडेशन हुआ है."
आगे क्या करेंगे इसपर उन्होंने कहा,
ऐसा पहली बार नहीं है जब मॉलिटिक्स पर कार्रवाई हुई है. नीरज झा दावा करते हैं कि सालभर पहले उनके संस्थान के इंस्टाग्राम पेज को शैडो बैन झेलना पड़ा था. वहीं एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी का नाम आने पर बनाए गए एक वीडियो को लेकर भी नोटिस आया था.
वे कहते हैं,
नीरज झा कहते हैं, "आप सरकार से सवाल पूछते हैं, आपको नौकरियों से निकाल दिया जाता है. टीवी चैनल कैसे खाली हुए ये हम सब देख रहे हैं. अब सब लोगों ने अपना स्पेस क्रिएट किया है कि चलो भाई हम अपनी दुनिया खुद बना लेते हैं, अगर आप टीवी स्टूडियो से काम नहीं करने देंगे तो. मुझे लगता है अब ये कोशिश उस दुनिया को छीनने की है. उस दुनिया को सबको मिलकर बचाना होगा. यह सिर्फ किसी एक संस्थान या क्रिएटर की बात नहीं है, यह अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा है."