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महिला आरक्षण पर सियासत, लेकिन बंगाल से असम तक BJP ने कितनी महिलाओं को टिकट दिए?

2026 विधानसभा चुनाव में महिलाओं को टिकट देने के आंकड़े बताते हैं कि बड़े दल 33% लक्ष्य से काफी पीछे हैं.

Shadab Moizee
जनाब ऐसे कैसे
Published:
<div class="paragraphs"><p><strong>2026 विधानसभा चुनावों में प्रमुख दलों द्वारा महिलाओं को टिकट देने के आंकड़े महिला आरक्षण के दावों पर सवाल उठाते हैं, क्योंकि सभी पार्टियां 33% लक्ष्य से काफी पीछे हैं.</strong></p></div>
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2026 विधानसभा चुनावों में प्रमुख दलों द्वारा महिलाओं को टिकट देने के आंकड़े महिला आरक्षण के दावों पर सवाल उठाते हैं, क्योंकि सभी पार्टियां 33% लक्ष्य से काफी पीछे हैं.

फोटो: क्विंट हिंदी

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क्या आपको पता है महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरने वाली BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कितनी महिलाओं को टिकट दिया है? जवाब है- सिर्फ 34. 2021 के चुनाव के मुकाबले 4 कैंडिडेट कम. 

क्या आपको पता है कि बीजेपी ने असम में कितनी महिलाओं को टिकट दिया? सिर्फ 6. 2021 के चुनाव से एक कम. 

बीजेपी छोड़िए, क्या आपको ये पता है कि कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी के चुनावों में कितनी महिलाओं को टिकट दिया है?

पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव हो रहा है. यहां सबसे ज्यादा महिलाओं को टिकट Mamata Banerjee की TMC ने दिया है. 2021 में TMC ने 48 महिलाओं को टिकट दिया था, और 2026 में 53. मतलब करीब 18%. ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सबसे ज्यादा 25 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया था.

वहीं कांग्रेस ने बंगाल में महिला कैंडिडेट की संख्या बढ़ाई है. 2026 के चुनाव में 40 महिला उम्मीदवार. लेकिन बंगाल में BJP तीनों बड़ी पार्टियों में सबसे कम हिस्सेदारी यानी करीब 12% पर है. लेफ्ट पार्टी खासतौर पर CPIM ने भी करीब 17% महिलाओं को टिकट दिया है.

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असम में बीजेपी ने सिर्फ 6 महिलाओं को टिकट दिया

असम चुनाव की बात करें तो यहां भी तस्वीर अच्छी नहीं है. NDA ने कुल 8 महिलाओं को टिकट दिया है, जिनमें 6 बीजेपी से, और एक-एक AGP और Bodoland People's Front से हैं.

कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने कुल 15 महिला उम्मीदवार को टिकट दिया है. इनमें 13 कांग्रेस से, और एक-एक Raijor Dal और Assam Jatiya Parishad से हैं.

दक्षिण के राज्यों की तस्वीर भी चौंकाती है

140 सीटों वाली केरल विधानसभा के लिए बीजेपी ने 93 में से 13 यानी 14 फीसदी और कांग्रेस ने 85 में से सिर्फ 7 महिला कैंडिडेट को टिकट दिया है, मतलब 8 फीसदी. जबकि Left Democratic Front जिसमें CPIM, CPI जैसी पार्टियां हैं, उन्होंने करीब 18 महिलाओं को टिकट दिया है.

तमिलनाडु में बीजेपी आगे

एक जगह बीजेपी महिलाओं को ज्यादा टिकट देने में आगे है- वो है तमिलनाडु. बीजेपी यहां 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिनमें 6 महिला कैंडिडेट हैं, मतलब 18 फीसदी. कांग्रेस ने 28 सीटों में सिर्फ 2 महिलाओं को टिकट दिया है. वहीं एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने 24 महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है. सत्ता में बैठी DMK ने 11 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि AIADMK ने 12%.

महिलाएं ज्यादा, फिर भी 0 टिकट

पुडुचेरी का तो हाल बेहाल है. पुडुचेरी में महिला वोटर, पुरुषों से ज्यादा हैं.  फिर भी यहां बीजेपी ने यहां एक भी महिला को टिकट नहीं दिया. 2021 के चुनाव में भी यही हाल था. कांग्रेस ने यहां सिर्फ एक महिला को टिकट दिया है. 

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण पर सियासी बहस भले ही तेज हो, लेकिन टिकट वितरण के आंकड़े यह दिखाते हैं कि ज्यादातर राजनीतिक दलों की कथनी और करनी में अब भी बड़ा अंतर बना हुआ है.

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