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जस्टिस स्वर्णकांता का ये वीडियो RSS के कार्यक्रम का नहीं है

दावा किया जा रहा है कि जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा कि वो जब भी RSS के कार्यक्रम में जाती हैं उनका प्रमोशन हो जाता है

सिद्धार्थ सराठे
वेबकूफ
Published:
<div class="paragraphs"><p>RSS के कार्यक्रम का बताकर वायरल है वीडियो</p></div>
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RSS के कार्यक्रम का बताकर वायरल है वीडियो

फोटो : स्क्रीनशॉट/फेसबुक/Altered by The Quint

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सोशल मीडिया पर दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वो कहती दिख रही हैं कि ''जब आपने मुझे पहली बार यहां आमंत्रित किया था, तब मैं केवल एक सेशन जज थी. उसके अगले साल जब आपने मुझे बुलाया, तब मैं फैमिली कोर्ट की डिस्ट्रिक्ट जज थी. उसके अगले साल मैं डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज बनी और आज जब आपने मुझे आमंत्रित किया है, तो आपने मुझे, बाबा ने मुझे हाई कोर्ट का जज बना दिया है. इसके लिए मुझे आपका धन्यवाद करना चाहिए कि आप मुझे बुलाते रहे और बाबा मुझे कुछ-न-कुछ बनाते रहें.''

दावा : वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये RSS के एक कार्यक्रम का है. और जस्टिस स्वर्णकांता कह रही हैं कि जब वो संगठन के कार्यक्रम में जाती हैं, उनका प्रमोशन हो जाता है.

पोस्ट का अर्काइव यहां देखें 

सोर्स : स्क्रीनशॉट/X

यही दावा करते अन्य पोस्ट के अर्काइव यहां और यहां देखें.

क्या ये सच है ? : नहीं, वायरल वीडियो RSS के कार्यक्रम का नहीं बल्कि बनारस में स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठा का है. इस वीडियो में जस्टिस स्वर्णकांता RSS का नहीं बल्कि विश्वविद्यालय का और बाबा विश्वनाथ (हिंदू धर्म के पूज्य ) का आभार व्यक्त कर रही हैं.

हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : हमने वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया, तो हमें जस्टिस शर्मा के इस भाषण का लंबा वीडियो मिला.

इस वीडियो में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कहती हैं.

मैं जब-जब बनारस आई हूं, बाबा (भगवान शिव) ने मुझे कुछ दिया है. तो कभी भी जब मैं यहां बोलना शुरू करती हूं तो ये प्रारंभ महादेव से होता आया है और आज कोई एक्सेप्शन नहीं है. मुझे हर बार बाबा का स्नेह और इस विश्वविद्यालय से रंजन जी और शिल्पी जी का स्नेह यहां खीच कर लाता है. तो आज ये जो आदर का चिन्ह वीसी साहब ने मुझे दिया, मैंने सोचा आज में इसे ग्रहण करूंगी. जब आपने मुझे पहली बार यहां आमंत्रित किया था, तब मैं केवल एक सेशन जज थी. उसके अगले साल जब आपने मुझे बुलाया, तब मैं फैमिली कोर्ट की डिस्ट्रिक्ट जज थी. उसके अगले साल मैं डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज बनी और आज जब आपने मुझे आमंत्रित किया है, तो आपने मुझे, बाबा ने मुझे हाई कोर्ट का जज बना दिया है. इसके लिए मुझे आपका धन्यवाद करना चाहिए कि आप मुझे बुलाते रहे और बाबा मुझे कुछ-न-कुछ बनाते रहें

जाहिर है इस पूरे भाषण का एक हिस्सा निकालकर इसे गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.

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निष्कर्ष : जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के भाषण का अधूरा हिस्सा गलत दावे से वायरल है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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