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सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पुलिस के साथ कुछ लोग कक्षा में घुसते दिख रहे हैं. इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो दिल्ली के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का है.दावे में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को निशाना बनाते हुए उन पर सरकारी स्कूलों को मदरसों में बदलने का आरोप लगाया गया है.
हालांकि, हमने पाया कि वीडियो यूपी (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद का है, दिल्ली का नहीं. वीडियो में पुलिस के साथ कुछ लोग 19 नवंबर को गाजियाबाद के विजय नगर के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में घुसते देखे जा सकते हैं, जहां पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे. 19 नवंबर को स्कूल में छुट्टी थी.
वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये दिल्ली का स्कूल है, जहां अरविंद केजरीवाल सरकारी स्कूलों को मदरसों में बदलने की अनुमति दे रहे हैं. इस दावे के कुछ वर्जन में अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है और पूछा गया है कि क्या अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड में ऐसा ही करेंगे.
इस आर्टिकल को लिखते समय तक, Chander Bhushan Rajput नाम के यूजर के शेयर किए गए इस पोस्ट को 4,200 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है.
फेसबुक और ट्विटर पर इस दावे से जुड़ी पोस्ट के आर्काइव आप यहां, यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.
इस वायरल दावे को दिल्ली बीजेपी के स्पोक्सपर्सन खेमचंद शर्मा ने भी शेयर किया था, जिसका आर्काइव आप यहां देख सकते हैं.
हमने पाया कि इस वीडियो को यूट्यूब पर भी ऐसे ही दावों के साथ शेयर किया गया है, जिनके आर्काइव आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.
क्विंट की WhatsApp टिपलाइन पर भी इस वीडियो से जुड़ी कई क्वेरी आई हैं.
इस दावे वाली एक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में हमने देखा कि कई यूजर्स ने लिखा है कि ये वीडियो दिल्ली नहीं, उत्तर प्रदेश का है.
कई यूजर्स ने बताया कि ये वीडियो यूपी का है
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
वीडियो में एक शख्स को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि 'फेसबुक लाइव कर दो''.
इन दो चीजों से क्लू लेकर हमने, जरूरी कीवर्ड का इस्तेमाल कर फेसबुक पर सर्च किया. इससे, हमें 19 नवंबर को योगेश शर्मा का पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला. वीडियो शेयर कर कैप्शन में लिखा गया था-
''आज विजय नगर गाजियाबाद में संजीवनी अस्पताल के सामने प्राथमिक स्कूल मे कुछ मुस्लिम जेहादी मांस बना कर नवाज पड़ रहे थे . मैने और हमारी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया''
यूजर की फेसबुक टाइमलाइन पर जाकर देखने पर, हमने पाया कि उसने वीडियो का एक और साफ वर्जन शेयर किया था. इसे पहले 'Dr Ashutosh Gupta' की तरफ से 'लाइव' वीडियो की तरह शेयर किया गया था.
यहां वीडियो की शुरुआत में, एक शख्स को ''प्राथमिक विद्यालय विजय नगर के अंदर'' कहते हुए सुना जा सकता है. वीडियो के 1 मिनट 13 सेकंड पर स्कूल के साइनेज में 'गाजियाबाद' लिखा देखा जा सकता है.
पीछेदिख रही बिल्डिंग में नगर क्षेत्र गाजियाबाद लिखा देखा जा सकता है
(फोटो: Altered by The Quint)
क्विंट ने विजय नगर पुलिस स्टेशन के पुलिस कर्मियों से बात की, जिन्होंने हमें बताया कि ये घटना वहीं की है और शुक्रवार, 19 नवंबर की है.
उन्होंने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से इस घटना के बारे में कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई थी, इसलिए कोई केस नहीं दर्ज हुआ है. उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो में दिख रहे लोगों को उनके घर भेज दिया गया था, क्योंकि उन्हें वहां इकट्ठा होने की अनुमति नहीं थी.
मतलब साफ है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का वीडियो दिल्ली का बता गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.